चंडीगढ़। खसरा और रूबेला उन्मूलन के लिए हरियाणा सरकार ने रोड मैप तैयार कर लिया है। इसके तहत सभी बच्चों को 24 महीने की उम्र तक खसरा रूबेला टीका की 2 खुराक देनी होगी। साथ ही खसरा और रूबेला के मामलों का पता लगाने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करना होगा।
हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा ने सोमवार को खसरा उन्मूलन लक्ष्य लेकर अधिकारियों की बैठक ली और समीक्षा की। एसीएस ने कहा भारत सरकार के निदेशानुसार प्रदेश सरकार सभी जिलों में दिसंबर 2023 तक खसरा और रूबेला के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। एसीएस ने कहा कि सभी सिविल सर्जनों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि वह इस अभियान में पंचायतों की मदद लें।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ प्रभजोत सिंह ने कहा कि ‘सभी जिलों को जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक जिला टास्क फोर्स बनाये जाने के लिए निर्देश दिए हैं। नूंह और पलवल जिले समेत देश के विभिन्न राज्यों से खसरा मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सभी को अतिरिक्त खुराक प्रशासित करने के लिए खसरा और रूबेला कैच-अप अभियान आयोजित करने का फैसला किया गया है और इस बीमारी के संचरण को रोकने के लिए 9 महीने से 15 साल के बच्चों को अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रवेश के समय टीकाकरण जांच को बढ़ावा देने सहित अन्य जिलों में उनके क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीकाकरण ड्राइव भी आयोजित किए जाएंगे।