हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राजभवन में मीडिया से रूबरू होने की नई परंपरा शुरू करते हुए बताया शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि में जैविक-प्राकृतिक खेती, कौशल विकास, लिंगानुपात व बाहरी मजदूरों के लिए काम करना उनकी मुख्य प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि विश्वविद्यालयों में खाली पद भरेंगे और रेडक्रॉस व साकेत अस्पताल का कायाकल्प करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में खाली चल रहे पदों में से लगभग 80 फीसदी को सरकार से बातचीत कर चरणबद्घ तरीके से भरा जाएगा। बड़े स्तर पर पद खाली होने का मामला संज्ञान में आया है। नई शिक्षा नीति के तहत पद भरने में तीन-चार साल लगेंगे। विवि की कार्यप्रणाली भी सुधारेंगे। विवि में प्रवास किया जाएगा। दत्तात्रेय ने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने के लिए जल्द बैठक की जाएगी। राज्यपाल के तौर पर जो भी चीजें ध्यान में आएंगी।
राज्यपाल ने कहा कि रेडक्रास में सामाजिक भागीदारी बढ़ाई जाएगी। वालंटियर शामिल कराएंगे। सप्लाई चेन मजबूत करेंगे। कोविड में इसका महत्व मालूम हुआ है। जरूरतमंद लोगों की मदद की जाएगी। जल्द रेडक्रॉस की बैठक कर उसके नेटवर्क को बढ़ाया जाएगा। साकेत अस्पताल की सुविधाओं का सदुपयोग कराएंगे। दौरा कर चीजों को जाना है, अभी उसकी कार्यप्रणाली समझ रहे हैं।
‘संवाद से खत्म होगा किसान आंदोलन, शुरू हो वार्ता’
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि किसान आंदोलन संवाद से ही खत्म होगा। जल्दी वार्ता शुरू होनी चाहिए। उनका मानना है कि आंदोलन का जल्दी समाधान निकले। इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए, न ही वह किसी चीज पर राजनीति करेंगे। जनता की सेवा करना उनका ध्येय है।
उन्होंने अपने समकक्ष सत्यपाल मलिक के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर दिए बयान पर कुछ भी बोलने से इनकार किया और नए कृषि कानूनों के साथ ही बातचीत की पैरवी की। बंडारू ने कहा कि सुधार किसी भी क्षेत्र में हों, उन पर आगे बढ़ना चाहिए। केंद्र सरकार किसानों से वार्ता के लिए तैयार है। लोकतंत्र का अर्थ ही संवाद होता है। संवाद से समाधान के मौके को गंवाना नहीं चाहिए। किसान कृषि कानूनों में सुधार को लेकर वार्ता शुरू करें।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री से समय-समय पर चर्चा होती रहती है। अधिकारी भी बात करते हैं। सभी को लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखने का अधिकार है। आंदोलन में हिंसा व राजनीति का कोई स्थान नहीं। राज्य सरकार किसान हित में बेहतर काम कर रही है। अनेक बड़े फैसले किसानों की आय दोगुनी करने के संबंध में लिए हैं।