पंचकूला। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को पंचकूला में आयोजित नेशनल आयुर्वेद फेस्टिवल का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति, स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम पर आधारित एक संपूर्ण विज्ञान है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा शिक्षा, स्वास्थ्य और वेलनेस सेक्टर में हमेशा अग्रणी रहा है। इतने बड़े स्तर पर आयोजित यह फेस्टिवल राज्य की आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि आज के समय में बढ़ते लाइफस्टाइल डिसऑर्डर और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभावी समाधान आयुर्वेद के सिद्धांतों में मौजूद है।
फेस्टिवल में देशभर से आए शीर्ष आचार्यों, शोधकर्ताओं और आयुर्वेदिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। राज्यपाल ने कहा कि क्लासिकल नॉलेज को आधुनिक तकनीक और रिसर्च के साथ जोड़कर भविष्य के लिए टिकाऊ और प्रभावी हेल्थकेयर मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप कॉन्क्लेव भी आयोजित किया गया, जिसमें डिजिटल थेराप्यूटिक्स, हर्बल डायग्नोस्टिक टूल्स और एआई आधारित वेलनेस प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए गए। राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कंपनियों और विशेषज्ञों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के पॉलिटिकल सेक्रेटरी, केंद्रीय आयुष मंत्रालय के पूर्व सदस्य, आयुर्वेदिक शिक्षाविद, उद्योगपति और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा और आयुर्वेद को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।