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Panchkula News: स्टिल्ट प्लस 4 में सरकार की नीति अस्पष्ट, चलेगा हस्ताक्षर अभियान

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पूर्व थल सेनाध्यक्ष वीपी मलिक ने कहा कि स्टिल्ट प्लस 4 मामले में लोगों के साथ अन्याय कर रही सरकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला भवन की नीति और पानी के दामों को लेकर रविवार को हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन (एचएसएचएससी) की बैठक सेक्टर-6 स्थित चौधरी सर छोटूराम जाट भवन में हुई। बैठक में उक्त दोनों मामलों में सरकार की नीतियों को अस्पष्ट बताया गया। बैठक में नाराज पदाधिकारियों का कहना था कि सरकार काे इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के लिए 10 मार्च तक का समय दिया गया था। यह समय बीत चुका है। अब आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में पदाधिकारियों का कहना था कि सरकार को तुरंत कमेटी का गठन करना चाहिए। इसके अलावा सरकार की इस नीति के विरोध में अब फिर से प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर सभी एमएलए को ज्ञापन सौंपकर यह मामला विधानसभा में उठाने की मांग की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता कर यशवीर मलिक ने कहा कि कमेटी में जितने सदस्य सरकारी हों, उतने ही कन्फेडरेशन के सदस्य भी शामिल किए जाएं। प्रदेश कन्वीनर यशवीर मलिक ने कहा कि नियमों के अनुसार अगर किसी भी रिहायशी क्षेत्र में कोई बड़ा बदलाव किया जाता है तो पर्यावरण विभाग से एनओसी लेनी होती है। मगर सरकार ने यह एनओसी लिए बगैर ही पूरे प्रदेेश का ढांचा बदलने का फैसला ले लिया है। यह बिल्डिंग कोड आसंविधानिक और अवैध है।
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बैठक में मुख्य अतिथि पूर्व थल सेनाध्यक्ष वीपी मलिक रहे। उन्होंने स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला भवनों के मामले में सरकार की नीति को अस्पष्ट करार दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले में पीड़ित नहीं हैं, मगर सरकार लोगों के साथ अन्याय कर रही है। जनप्रतिनिधियों और अफरशाही का रवैया इस मामले में लोगों के हित में नहीं है। उन्होंने लोगों से एक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर सभी एक हो जाते हैं तो अफसर और जनप्रतिनिधि भी उनके बीच आने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर लोग इस मामले में सख्त रुख अख्तियार करेंगे। बैठक का संचालन जिला कन्वीनर मोहिंदर सिंह बल्हरा ने किया। बैठक में वीपी मलिक ने कहा कि ये नये नियम शहरवासियों पर नहीं थोपने चाहिए। नया आवासीय सेक्टर या कॉलोनी बनाते समय इन नियमों को वहां लागू किया जा सकता है। मगर किसी के घर में धूप और हवा को आने से रोकना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि वे सीधे तौर पर इससे पीड़ित नहीं हैं, मगर लोगों की तकलीफ देखने के बाद इस मुहीम के साथ जुड़ने से खुद को नहीं रोक सके।


पीड़ितों को पूरे मकान की भरपाई की मांगयशवीर मलिक ने कहा स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला भवनों के निर्माण के कारण जिन मकानों में दरार आई है, वो रहने के लायक नहीं बचे हैं। इसलिए उनकी मरम्मत के लिए खर्च नहीं, बल्कि उनका पूरा मकान दोबारा बनवाया जाए। लोगों ने अपने जीवन की पूरी जमा पूंजी मकान बनाने में खर्च की है। बैठक के दौरान सेक्टरों में महंगे पानी की मुद्दा भी उठाया गया। यशवीर मलिक ने कहा कि एचएसवीपी सेक्टरवासियों से पब्लिक हेल्थ की तुलना में पांच गुना बिल वसूल रहा है। यह भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सेक्टरों में भी पब्लिक हेल्थ की दरों पर पानी सप्लाई करने की मांग उठाई।



मरने के बाद एक होने का क्या फायदा
सेक्टर-11 के मकान नंबर 706 निवासी हरिचंद हंस ने कहा कि लोगों के मकान गिरने की कगार पर हैं। अगर भूकंप का झटका आ जाता है तो शहर के कई मकान मलबे में तब्दील हो जाएंगे। इसलिए मरने का इंतजार नहीं करना चाहिए। लोगों को अपने घर और परिवार बचाने के लिए पहले ही एक होना होगा।


पड़ोसी मेरे मरने का इंतजार कर रहा है
सेक्टर-6 के मकान नंबर 551 निवासी रिटायर्ड सैनिक बीएस कंडारी ने कहा कि उनकी उम्र 90 साल है। वे अपनी पत्नी के साथ मकान में रहते हैं। पड़ोस में स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला भवन निर्माण से मकान में दरार आई। कोर्ट से मैं केस जीत गया तो आरोपी ने हाईकोर्ट में केस दर्ज कर दिया। अब पड़ोसी मेरे मरने का इंतजार कर रहा है ताकि केस अपने-आप खत्म हो जाए।


बिल्डरों से मिले हुए हैं एचएसवीपी अधिकारी
पेशे से सीए का काम करने वाले सेक्टर-6 के मकान नंबर 222 निवासी मनोज गुप्ता ने कहा कि एक साल से एचएसवीपी अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। एचएसवीपी के अधिकारी भी बिल्डरों से मिले हुए हैं। इसलिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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दरारें देखकर रात को नींद नहीं आती
हाईकोर्ट के वकील सेक्टर-4 निवासी शांतनु सिंह ने बताया कि उनके नाना डॉ. सूरजभान अंबाला से चार बार एमपी रहे। वे तीन राज्यों में राज्यपाल रहे। लोकसभा के डिप्टी स्पीकर और केंद्र में कृषि मंत्री भी रहे। शांतनु ने बताया कि उनके मकान में इतनी दरारें आई हुई हैं कि रात को बेड पर लेटते ही डर लगने लगता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनका केस हाईकोर्ट में चल रहा है।
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