चंडीगढ़। पंजाब में नशे से प्रभावित परिवारों को मनोवैज्ञानिक, आर्थिक और सामाजिक सहायता दी जाएगी। यह सुविधा उन्हें दोबारा सामाजिक संयोजन के तहत उपलब्ध होगी। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, जिला प्रशासन व लोक संपर्क विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे।
शनिवार को सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इसी संदर्भ में विभिन्न विभागों के अफसरों संग बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार नशे की समस्या को जड़ों से समाप्त करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में राज्य के 23 जिलों में 800 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें 7.5 लाख लोगों की भागीदारी हुई। नशे से प्रभावित परिवारों की सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए पंजाब सरकार एक अलग समर्थन मॉडल लागू कर रही है। इसमें काउंसलिंग, रोजगार-आधारित प्रशिक्षण, पुनर्वास जैसी सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रभावित व्यक्ति नई शुरुआत कर सके।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए नशा-मुक्ति योजना के तहत 49.96 करोड़ रुपये के स्टेट एक्शन प्लान को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, तकनीकी शिक्षा और लोक संपर्क विभागों के माध्यम से जागरूकता, इलाज, डी-एडिक्शन सेवाओं और क्षमता निर्माण को और तेज किया जाएगा।