पंजाब की महिलाओं व युवतियों के साथ विदेशों में हो रहे शोषण के मामलों से निपटने के लिए सरकार अब एक विशेष पॉलिसी बनाएगी। इसमें महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सभी बिंदु शामिल रहेंगे।
पॉलिसी बनाने से पहले सरकार ने पीड़ित महिलाओं से उनकी राय जानने का फैसला लिया है ताकि पता लगाया जा सके कि उन्हें किस तरह की मुश्किलों का विदेशों में जाकर सामना करना पड़ता है। साथ ही पॉलिसी का उचित ड्रॉफ्ट तैयार किया जा सके। महिला एवं विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा 11 जून को डीसी जालंधर के दफ्तर में 11 से एक बजे तक मीटिंग होगी। इसमें वह खुद भी मौजूद रहेंगी। उन्होंने महिलाओं को इस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता दिया है।
पंजाब की महिलाएं जो विदेशों में जाने की इच्छुक हैं या फिर वहां बसी हुई हैं। इसके अलावा जो वहां से वापस आ चुकी हैं। उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पंजाब सरकार काफी गंभीर है। यह बात भी सामने आई है कि कुछ एजेंटों की तरफ से राज्य की महिलाओं को विदेशों में गैर कानूनी ढंग से भेजने के उद्देश्य के साथ नौकरी का झांसा देने और गलत बयानबाजी करके उनके साथ कई तरह का शोषण किया जाता है। इस स्थिति पर काबू पाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से एक राज्यस्तरीय पॉलिसी तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
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अमेरिका से लेकर अरब देशों में हो रहा महिलाओं का शोषण
महिलाओं के शोषण संबंधी घटनाएं केवल अरब देशों में ही नहीं बल्कि अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में भी हो रही हैं। इसके अलावा मध्य पूर्वी देश जैसे कुवैत, दुबई, ओमान आदि में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की रिपोर्ट आ रही है। कई एनआरआई लड़के शादी के नाम पर लड़कियों का जीवन खराब करते हैं। इससे लड़कियां ही नहीं उनके परिजन भी मुश्किल उठाते हैं। पढ़ी-लिखी लड़कियां पूरी उम्र दर्दनाक जीवन जीने को मजबूर हो जाती हैं। विभाग ने एनआरआई व्यक्तियों, एजेंटों, रिश्तेदारों के झांसे में आकर धोखा खा चुकी महिलाओं को इस विचार-चर्चा में शामिल होने के लिए खुला न्योता दिया है।
इससे पहले सरकार ने गठित की थी एसआईटी
राज्य सरकार ने नौकरी और अच्छे वेतन का लालच देकर महिलाओं को मध्य एशिया के देशों में अवैध तरीके ले जाने की घटनाओं की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। आईपीएस अधिकारी रणधीर कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी राज्य से मानव तस्करी के सभी मामलों की जांच करेगी। ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन (बीओआई) ने एसआईटी के गठन के साथ ही रणधीर कुमार को यह अधिकार दिया है कि वह संबंधित पुलिस थाना, जहां एफआईआर दर्ज की गई हैं, से जुड़े किसी भी अधिकारी को जांच में सहयोग के लिए एसआईटी में शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही, लुधियाना रेंज के आईजी कौस्तुभ शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो ऐसे मामलों में बिना किसी रुकावट के पंजाब भर में एफआईआर दर्ज किए जाने के काम की निगरानी करेंगे।