दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए माकूल माहौल उपलब्ध के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 2020 से 2025 तक की नई उद्योग नीति बनाई जा रही है, जिसे अगले माह तक लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से विधायकों, सांसदों और प्रदेश की सभी औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ-साथ फिक्की, एसोचैम जैसी राष्ट्रीय स्तर की औद्योगिक एसोसिएशनों से 8 सितंबर तक अपने सुझाव देने का आग्रह किया गया है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्राथमिकता के तौर पर सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में खासतौर पर थ्रस्ट सेक्टर के साथ-साथ आयात की जानी वाली वस्तुओं से जुड़ी यूनिटों को अपने राज्य में ही स्थापित किया जाए और सरकार नई उद्योग नीति में इस पर पूर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि इस नई पॉलिसी के जरिये हरियाणा में इसी तरह के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि आयात को कम से कम करके निर्यात को बढ़ाया जा सके।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य होगा जो ऐरो-स्पेस और एविएशन को भी थ्रस्ट सेक्टर के तौर पर फोकस करके अपनी नई उद्योग नीति में आगे लेकर जाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिसार में हवाई अड्डा प्रोजेक्ट पर सरकार तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े बल्क ड्रग्स पार्क का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा उन अग्रणी राज्यों में से होगा जो अपने सभी 22 जिलों को विभिन्न क्लस्टरों में बांटकर औद्योगिक इकाइयों को आगे लेकर आने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इसी तरह ज्यादा से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों को जोड़ा जाएगा और प्रदेश सरकार फैक्ट्रियों को क्लस्टर एप्रोच के साथ जोड़ने पर उन्हें अतिरिक्त लाभ देगी।