अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को पक्की नौकरी देने के लिए रोजगार के नए अवसर कैसे सृजित किए जाएं। इस पर सरकार का रक्षा सेवा कल्याण मंत्रालय ने काम शुरू कर दिया है। इसमें पंजाब पूर्व सैनिक निगम (पेस्को) की भूमिका को भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंद्र भगत ने अफसरों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने पंजाब सिविल सचिवालय में हुई समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए पेस्को की प्रगति, वित्तीय स्थिति और स्टाफ कल्याण पहलकदमियों का व्यापक मूल्यांकन किया। यह बैठक पूर्व सैनिकों के लिए स्थायी नौकरी के मौके पैदा करने में पेस्को की भूमिका को बढ़ाने पर केंद्रित रही। इस बैठक के दाैरान मैनेजिंग डायरेक्टर मेजर जनरल हरमनदीप सिंह (वेटरन) और जनरल मैनेजर (सुरक्षा) एसपी सिंह ने मंत्री को चल रही योजनाओं और पहलकदमियों के बारे जानकारी दी। उनकी ओर से मंत्री के समक्ष तीन महीनों की कारगुजारी रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें सुरक्षा गार्डों के वेतन, विशेष श्रेणियों के अधीन वेतन संशोधन के लिए प्रस्ताव, पूर्व सैनिकों के लिए भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूर्व सैनिकों की दोबारा भर्ती उम्र सीमा को 65 साल तक बढ़ाने के प्रस्ताव जैसे अहम पहलू शामिल थे।इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए वचनबद्ध है और उनकी आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक पुनर्वास को यकीनी बनाने के लिए सक्रियता से काम कर रही है।