कालका विधायक प्रदीप चौधरी से मुलाकात करते लोग।
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मोरनी। इलाके में एकबार फिर डीटीपी की कार्रवाई को लेकर लोगों में दहशत का माहौल बना है। डीटीपी विभाग की ओर से व्यावसायिक भवन और दुकानों को 24 नंवबर को गिराने के थमाए नोटिस के बाद हर स्तर पर समाधान के लिए गुहार लगा रहे हैं।
रविवार को शादि समारोह में मोरनी पहुंचे प्रदीप चौधरी के समक्ष लोगों ने अपनी मांग को रखते हुए विभाग की कार्रवाई को रुकवाने और व्यावसायिक भवनों को रेगुलर करने का आग्रह किया। लोगों ने कहा कि विभाग की भवनों को गिराने की कार्रवाई से लोग बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इससे स्थानीय लोग बड़ी संख्या में बेरोजगार भी होंगे। इस पर विधायक कालका ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
विधानसभा में की नियमित करने की मांग
कालका विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में इस समस्या को उठाया था। उन्होंने गठबंधन सरकार से मोरनी इलाके में डीटीपी विभाग की ओर से नियमों में ढील देकर मोरनी के सभी गेस्ट हाउस और रिहायशी भवनों के अलावा अन्य भवनों को नियमित करने की मांग की थी। इन भवनों को गिराने की बजाय मुख्यमंत्री से यहां पर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया है। वर्ष 2009 की तरह सरकार को इलाके के भवनों को नियमित करना चाहिए। इससे सरकार की कोरोना पीरियड के चलते घाटे से उभरने में मदद होगी और लोगों को डीटीपी के डर से निजात मिलेगी। चौधरी ने बताया कि सरकार के कईं बोर्ड पहले घाटे में चले रहे हैं। ऐसे में भवनों को गिराना लोगों को पूर्ण रूप से उजाड़ने जैसा होगा।