चंडीगढ़। पंजाब के जीरा में स्थित मालब्रोस शराब फैक्टरी का लाइसेंस रिन्यू करने से पंजाब सरकार ने साफ इन्कार कर दिया है। पंजाब सरकार ने बताया कि हाल ही में आयोजित पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में लाइसेंस रिन्यू न करने की सिफारिश की गई थी जिसके बाद 14 फरवरी को मुख्यमंत्री अध्यक्षता में बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने फैक्टरी को बिना कोई राहत दिए सुनवाई स्थगित कर दी।
याचिका दाखिल करते हुए शराब कंपनी ने उनकी फैक्टरी के बाहर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग की थी। इस बारे में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को उचित कदम उठाने का आदेश दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि फैक्टरी का लाइसेंस समाप्त हो चुका है और ऐसे में उसे आगे संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी बीच कंपनी ने फैक्टरी में मौजूद इथेनॉल निकालने की अनुमति देने की अपील की थी साथ ही लाइसेंस रिन्यू करने की भी अपील की थी।
इस मांग पर पंजाब सरकार ने बताया कि हाल ही में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक हुई थी। इस दौरान तथ्यों की जांच के बाद बोर्ड ने लाइसेंस को रिन्यू न करने की सिफारिश की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई और इसमें मुख्य सचिव, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और डीजीपी भी शामिल हुए थे। बैठक में सिफारिश के अनुसार फैक्टरी का लाइसेंस रिन्यू न करने का फैसला लिया गया। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से कहा गया कि उनका सहयोग करने का केवल दावा किया जा रहा है और आज तक कोई लिखित आदेश जारी नहींं किया गया। कंपनी ने कहा कि फैक्टरी का लाइसेंस जानबूझ कर रिन्यू नहीं किया जा रहा। फैक्टरी में घातक एथनॉल है, और अगर कोई अनहोनी हो जाती है तो काफी नुकसान हो सकता है। ऐसे में उन्हें यह एथनॉल उठाने दिया जाए। प्रदर्शनकारियों द्वारा उन्हें फैक्टरी के अंदर और बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है।
इस पर सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि फैक्टरी के मालिकों को गेट नंबर दो से आने जाने की इजाजत है और उनको किसी भी तरह की कोई रोक नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को सरकार की तरफ से जानकारी दी गई कि शराब फैक्टरी की जांच के लिए जो कमेटी बनी थी उसमें से दो की रिपोर्ट आ चुकी है और बाकी दो की रिपोर्ट आनी है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इस पर सरकार को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का आदेश दिया।