पंचकूला। सकारात्मक सोच से सेक्टर-15 की रहने वाली 96 वर्षीय महिला, बेटी और उसके दामाद ने कोरोना को हराया है। इन लोगों के अनुसार कोरोना को हराने में मानसिक संतुलन को सही रखने के साथ ही पौष्टिक आहार लेना चाहिए। इससे कोरोना अपने आप ठीक हो जाएगा। सेक्टर-15 की 96 वर्षीय महिला जयदुलारी ने बताया कि वह कोरोना पीड़ित होने के बाद परेशान नहीं हुई। उन्होंने पौष्टिक आहार लिया और वे ठीक हो गईं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका ऑक्सीजन लेवल कम नहीं हुआ। वह पौष्टिक आहार के साथ योग भी करती रहीं। 96 वर्षीय जयदुलारी की बेटी नीलम शर्मा और दामाद अरुण शर्मा भी 26 अप्रैल की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद नीलम शर्मा ने भी घर में क्वारंटीन रहकर 15 दिन में कोरोना को हराया। वहीं उनके पति अरुण शर्मा को पंचकूला के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। भर्ती कराए जाने के बाद उन्हें काफी समस्या रही। अरुण शर्मा ने बताया कि वह बैंक से रिटायर कर्मचारी हैं। उनका इलाज प्राइवेट अस्पताल में किया गया। इस दौरान अस्पताल के लोगों ने दूसरे नाम पर बिल बनाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से सही जानकारी नहीं दी गई। इस कारण उनके परिजन और आस्ट्रेलिया में रह रहे बेटा और बेटी को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
महिला ने बताया यह लें डाइट में
सेक्टर-15 निवासी 96 वर्षीय महिला जयदुलारी और उनकी बेटी नीलम शर्मा ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद वह बाहर इलाज कराने नहीं गए। वह घर में इलाज कराने के बाद स्वस्थ हो गए। उनका ऑक्सीजन लेवल बहुत बेहतरीन रहा। इस कारण उन्हें कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने घर पर हरी सब्जी, दूध, फल का सेवन किया। नारियल, केला, सेब, संतरा सहित सभी हरी सब्जियों का सेवन करने के बाद वह एकदम ठीक हो गईं।
जयदुलारी, उनकी बेटी नीलम शर्मा और उनके पति अरुण शर्मा ने बताया कि कोरोना होने की सूचना पर पैनिक न क्रिएट करें। अच्छी नींद लेने के साथ अच्छा खाना खाएं। चिंता नहीं करें। कोरोना अपने आप ठीक हो जाएगा। लोग इसके लिए तैयार रहें। लोग डॉक्टरों की सलाह लेकर अपना इलाज करवा सकते है।