चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर 32 के नर्सिंग स्टाफ ने अपनी समस्या के समाधान के लिए चीफ जस्टिस से गुहार लगाई है। अस्पताल की नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन ने बुधवार को चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए उससे मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या की तुलना में मानक से आधे से भी कम नर्सिंग स्टाफ से काम लिया जा रहा है। कई गुना अधिक काम करने से नर्सिंग स्टाफ मानसिक व शारीरिक रूप से शोषित हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी यहां तैनात महिला नर्सिंग स्टाफ को हो रही है। उन्हें अवकाश भी नहीं मिल पा रहा, जिससे वे कई प्रकार की शारीरिक बीमारियों की शिकार हो रही हैं।
एसोसिएशन ने इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ ही पूर्व में चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर, होम सेक्रेटरी, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, ह्यूूमन राइट कमीशन और डायरेक्टर प्रिंसिपल को भी सूचना दी है। किसी ने भी इस समस्या के समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। इन परेशानियों के कारण ही 2019 में यहां तैनात हुए 118 नर्सिंग स्टाफ में से लगभग 70 प्रतिशत ने इस्तीफा दे दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि हर बार नए पद सृजन का सपना दिखाया जाता है, लेकिन 10 साल से उसकी फाइल बस इस काउंटर से उस काउंटर पर घूम रही है।
जीएमसीएच और अन्य संस्थानों के ये हैं आंकडे़
संस्थान बेड नर्सिंग स्टाफ की संख्या
एम्स 2362 4553
पीजीआई 2300 2672
जीएमसीएच 1450 774
कोट्स
नर्सिंग स्टाफ काम करने से पीछे नहीं हटता, लेकिन अफसोस इस बात का है कि हमें अब तक केंद्रीय वेतनमान नहीं दिया जा रहा। अगर बाकी संस्थानों की ही तरह जीएमसीएच में भी केंद्र का मानक लागू कर दिया जाए तो हमारा तनाव कम हो। हमारी हर मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस वजह से चीफ जस्टिस से न्याय की गुहार लगाई है।
- डबकेश कुमार, प्रेसिडेंट, जीएमसीएच नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन