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श्रद्धा के साथ श्रवण करने से कन्याओं को अच्छा घर और वर मिलता है : बाल व्यास

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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। माता मनसा देवी सेवक दल धर्मार्थ एवं भंडारा कमेटी की तरफ से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान कथा में छठे दिन शनिवार को कथा व्यास भगवान वृंदावन धाम वाले ने रुक्मिणी विवाह और कन्या दान का महत्व बताया। रुक्मिणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बारात बैंड बाजे के साथ निकाली गई। श्रीकृष्ण का स्वागत किया गया। सखियों के साथ रुक्मिणी देवी को पांडाल में लाया गया। मंच पर भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी देवी का वरमाला कार्यक्रम हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कन्यादान में भाग लिया। पांडाल में पुष्प वर्षा हुई। श्रीकृष्ण जी व रुक्मिणी जी की झांकी सजाई गई थी। साथ ही विवाह प्रसंग का अत्यंत सजीव व मनोरम प्रस्तुतिकरण भी किया गया, जिसे देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। रुक्मिणी विवाह के आयोजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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कथाव्यास भगवान ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मिणी विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा जीव परमात्मा का अंश है। इसलिए जीव के अंदर अपार शक्ति रहती है। यदि कोई कमी रहती है तो वह मात्र संकल्प की होती है। संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे। कथा व्यास का कमेटी के संरक्षक सतपाल गर्ग, प्रधान किशोरी लाल, महासचिव सिद्धार्थ गुप्ता, संयुक्त सचिव संजय गुप्ता एवं वरिष्ठ सदस्य संदीप गुप्ता ने स्वागत किया। इस अवसर पर राम निवास बंसल, शिव कुमार गोयल, सुभाष छोकरा, पंडित ओम प्रकाश, जगदीश गर्ग, अमित जिंदल और मोतीलाल जिंदल भी उपस्थित रहे।
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