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Panchkula News: बढ़ती गर्मी से बच्चे बेहाल, बुखार, पेटदर्द और जुखाम से हैं परेशान

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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। बढ़ती गर्मी के साथ ही अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल, डिस्पेंसरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में बुखार, जुखाम, पेटदर्द, पानी की कमी और गले में संक्रमण की समस्या से परेशान बच्चे सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। पंचकूला बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रुति सरीन के अनुसार दरअसल गर्मी में बच्चों के शरीर का सिस्टम उनके बढ़ते तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है। इस वजह से बच्चे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें साफ पानी दिया जाना चाहिए। अगर सप्लाई के पानी को उबालकर बच्चों को दिया जाए तो बचाव होगा। उन्होंने बताया कि रोजाना बच्चों की ओपीडी में तीन सौ लोग आ रहे हैं। एक सप्ताह में लगभग 2317 ने इलाज करवाया है। गर्मी में बचाव के लिए डॉक्टर यह सलाह दे रहे हैं कि बच्चे दोपहर में बाहर नहीं निकलें। इसमें एक साल से दस साल के बच्चे अधिक आ रहे हैं। कालका, पिंजौर, बरवाला और रायपुररानी में गर्मी के मौसम में बच्चों के ज्यादा बीमार होने की सूचना है।
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बच्चों को बचाने की दी जा रही सलाह
पंचकूला के पीएमओ डॉ. उमेश मोदी ने बताया कि बच्चों की संख्या ओपीडी में अधिक है। अधिकतर स्कूल जाने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि ठीक दोपहर में वे स्कूल से घर लौट रहे होते हैं। ऐसे में तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से उनकी सेहत प्रभावित हो रही है। गर्मी के कारण बच्चे जल्दी डिहाइड्रेट हो जाते हैं। इस कारण उन्हें चक्कर आ सकता है। गर्मी के मौसम में बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने के लिए कहें, ताकि बच्चे दिनभर एक्टिव रहें। पानी का ज्यादा सेवन लू के प्रभाव को भी कम करता है। उन्होंने बताया कि बच्चा अगर ज्यादा पानी नहीं पीता है प्रयास करें तक वो रोजाना 2 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं। इसके अलावा उन्हें नारियल, नींबू पानी, बेल या खस का शरबत भी दे सकते हैं। बच्चों को हल्के और पतले कपड़े पहनाएं। इसमें हल्के रंग के कॉटन के कपड़ों को ज्यादा पहनाएं।

बुखार और पेट दर्द होने पर पहुंचे अस्तपाल
बेटे को बुखार के साथ पेट दर्द की समस्या हुई। इसके बाद उसको अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने पानी को उबालकर देने को कहा है। पेट दर्द की दवा देने के बाद राहत मिली है। - वसीम निवासी सेक्टर-27
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उल्टी और दस्त के बाद ले आए अस्पताल
गर्मी अधिक होने के कारण पहले बेटे के पेट में दर्द हुआ। इसके बाद उल्टी-दस्त शुरू हो गए। आनन-फानन में अस्पताल लेकर आए। अस्पताल में इलाज के बाद आराम मिला है। डॉक्टरों ने बाहर का कुछ भी खाने से मना किया है। - मुकेश शर्मा निवासी सेक्टर -25


बुखार आने के बाद खून की कमी मिली
बेटे को दो दिन से तेज बुखार आ रहा था। बुखार अधिक होने के कारण अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि खून की कमी है। वहीं ओरआएस का घोल पिलाने के साथ विटामिन की दवा लिखी है। -ललित कुमार निवासी सेक्टर -26
इन बातों का ध्यान रखे परिजन
- फ्रिज में रखा दही, मठ्ठा, आइसक्रीम कोल्डड्रिंक न पिलाएं
- सांस लेने में दिक्कत है तो मेबोलाइजेशन कराएं।
- बच्चे को सन स्ट्रोक से बचाएं।
- अधिक से अधिक पानी पिलाएं। करीब 10-12 गिलास पानी
- खाने में रुचि बढ़ाने आम का पना, आम की चटनी, रायता दें।
- होटल या शादी समारोह में खाना खाने से परहेज करें।
- घर में हमेशा ओआरएस रखें।
- ज्यादा तकलीफ बढ़ने पर घर पर खुद से इलाज न करें, अस्पताल लाएं।

दिन इलाज कराने आए बच्चे
14 मई - 283
15 मई - 320
16 मई - 395
17 मई -325
18 मई - 322
19 मई - 350
20 मई - 322

गर्मी के दौरान बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है। बच्चों का शरीर बढ़ते तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों को गर्मी से बचाना चाहिए। इंनफेक्शन से बचाने के साथ ही उन्हें मास्क लगाना चाहिए।
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डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्प्ताल सेक्टर-6
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