एनआईए ने हरविंदर सिंह रिंदा को अपराधियों की ए-प्लस कैटेगरी में रखा है और उसकी धरपकड़ के लिए इनाम भी घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ पंजाब और अन्य राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और अवैध हथियारों के 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मोहाली में इंटेलिजेंस विंग की इमारत पर रॉकेट लांचर से हमला करने के मामले में मुख्य आरोपी गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा ने अब पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों और बड़े अपराधियों को आतंकी संगठनों से जोड़ना शुरू कर दिया है। यह खुलासा भारत और विदेशों में आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच बढ़ते गठजोड़ को ध्वस्त करने की मुहिम छेड़ चुकी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को मिले इनपुट में हुआ है।
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एनआईए के सूत्रों के अनुसार गैंगस्टर रिंदा खुद भी खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा से जुड़ गया है ओर उसने अपने संपर्क वाले पंजाब के करीब 25 गैंगस्टरों और अन्य बड़े अपराधियों को भी बब्बर खालसा से जोड़ दिया है। इस तरह रिंदा ने पंजाब में बब्बर खालसा के प्रसार अभियान का बीड़ा उठाते हुए अब तक करीब 1200 अपराधी प्रवृति के लोगों को संगठन से जोड़ा है, जिनकी अब एनआईए इस आधार पर तलाश कर रही है कि वह किस-किस गैंग अथवा गिरोह से जुड़े रहे हैं।
रिंदा के इस कदम का सीधा लाभ पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ले रही है, जो बब्बर खालसा से जुड़े अपराधियों को ड्रग व हथियार मुहैया कराने के काम में जुट गई है। अब तक पंजाब में जितने भी बड़े अपराधी और गैंगस्टर एनआईए के हत्थे चढ़े हैं, उनकी मोबाइल कॉल डिटेल में रिंदा से संपर्क के सबूत मिले हैं।
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एनआईए के सूत्रों के अनुसार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई दोनों कनाडा स्थित खालिस्तानी समर्थकों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों के इशारे पर काम कर रहे थे लेकिन अब रिंदा के जरिये 1200 से ज्यादा अपराधी भी इस गठजोड़ का हिस्सा बन गए हैं। इन अपराधियों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए आईएसआई द्वारा पंजाब में भारत-पाक सीमा के जरिये ड्रग भेजी जा रही है, जिसे पंजाब और भारत के अन्य राज्यों में बेचकर गैंगस्टर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अवैध हथियार खरीद रहे हैं। इसके अलावा ये गैंगस्टर व्यापारियों और कबड्डी खिलाड़ियों को धमकाकर धन वसूली के अलावा पंजाब में म्यूजिक इंडस्ट्री पर नियंत्रण बनाकर गायकों और संगीतकारों से पैसा वसूल रहे हैं।