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1.17 करोड़ रुपये के जमीनी सौदे में ठगे 67 लाख रुपये

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सेक्टर-18 निवासी हेतराम चौहान से एक व्यक्ति ने उनकी फैक्ट्री की 15 कनाल 9 मरले के जमीनी सौदे में 67 लाख रुपये ठग लिए। इसके अलावा आरोपी ने धोखाधड़ी कर हेतराम चौहान और उनकी पत्नी से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा उनकी कंपनी मैसर्स हाटेश्वरी पेपर मोल्डिग मिल्स लि. को अपनी कंपनी मैसर्स अलकोई इंडिया लि. में तबदील भी करवा लिया। आरोपी पंचकूला के सेक्टर-8 का रहने वाला जीवन मेहता है। हेतराम चौहान की शिकायत पर सेक्टर-5 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता हेतराम चौहान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी कंपनी मैसर्स हाटेश्वरी पेपर मोल्डिग मिल्स लि. का रजिस्ट्रेशन 1998 में कराया था। कंपनी में उनके अलावा चार और डायरेक्टर सरबजीत कुमार, कपिला कुमार, पवन पसरीचा और अशोक मल्होत्रा हैं और सभी बराबर के हिस्सेदार हैं। कंपनी के चार हिस्से हेतराम चौहान और उनकी पत्नी मीनू चौहान के पास और एक हिस्सा पिंजौर की तहसील कालका के गांव वासुदेवपुरा निवासी अवतार सिंह के पास है। जिस जमीन पर उनकी उक्त कंपनी स्थित है, उसका कुल रकबा 15 कनाल 9 मरले है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 2013 में आरोपी जीवन मेहता से कुल 1.17 करोड़ रुपये में जमीन का सौदा किया। जीवन मेहता ने 40 लाख रुपये का एक चेक बतौर बयाना मैमर्स हाटेश्वरी पेपर मोल्डिग के नाम दिया और 10 लाख रुपये नकद दिए। शेष राशि 67 लाख रुपये का एक चेक 21 सितंबर 2013 को एचडीएफसी बैंक का दिया। लेकिन चेक बैंक में लगाने पर वह बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने आरोपी जीवन मेहता के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया। लेकिन आरोप हैं कि जीवन मेहता ने अदालत में पेशी के समय आग्रह कर थोड़े समय में शिकायतकर्ता को दूसरा चेक देने की बात कही। लेकिन उसने पेशे से वकील एवं अपने दामाद को शिकायतकर्ता हेतराम चौहान की तरफ से पेश करवाकर उनके बयान दर्ज करवा 67 लाख रुपये का दूसरा चेक उन्हें 20 जून को दिया। लेकिन 20 जून से करीब आठ दिन पहले जीवन मेहता ने हेतराम और उनकी पत्नी को फोन कर उनका दिया चेक लेकर 20 जून 2014 को अपने घर बुलाकर चेक के बजाय नकद राशि ले जाने को कहा। दंपती आरोपी जीवन मेहता के घर पहुंचे तो उसने दोनों को विश्वास में लेकर उनसे धोखे से 5-5 लाख रुपये की कैश की रसीदों व शेयर फार्मों पर हस्ताक्षर करवा लिए। फिर 20 जून को उनसे अपना चेक वापस लेकर पैसे लाने की बात कहकर गया। लेकिन आरोप हैं कि ऐसा करने के बजाय जीवन मेहता ने चेक फाड़ दिया। फिर वह हेतराम और उनकी पत्नी के हस्ताक्षर किए शेयर प्रमाण पत्र और रसीदें लेकर कमरे में जाने लगा तो दंपती ने उससे उनकी नकद राशि के संबंध में बातचीत की। तो वह उनसे झगड़ने लगा और पैसे नहीं देने की बात कही। इस पर हेतराम ने उसके हाथ से रसीदें और असल शेयर प्रमाण पत्र छीन लिया। फिर आरोपी जीवन मेहता ने उन्हें दूसरा चेक जारी करने की बात कही लेकिन बाद में भी लगातार टालमटोल करता रहा। इसके बाद वह दंपती को धमकाने लगा और कहा कि वह उनकी मैसर्स हाटेश्वरी पेपर मिल्स लि. को अपनी कंपनी मैसर्स अलकोई इंडिया लि. में तबदील करवा चुका है और कंपनी की सारी बिल्डिंग व मशीनरी भी तोड़ चुका है। इसके बाद दंपती को जीवन मेहता द्वारा उनसे धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनकी उक्त कंपनी को अपनी कंपनी मैसर्स अलकोई इंडिया लि. के नाम ट्रांसफर करवाने का पता लगा। आरोप हैं कि जीवन मेहता ने दंपती से 67 लाख रुपये हड़पने सहित फर्जी दस्तावेजों के बूते उनकी कंपनी के शेयर को आरओसी में ट्रांसफर कराया। पुलिस मामले की आगामी जांच में जुटी है।
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