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फ्रंटलाइन योद्धाओं की सुरक्षा की हाईकोर्ट से गुहार

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चंडीगढ़। कोविड 19 के मौजूदा संकट के दौरान हरियाणा के विभिन्न इलाकों में आम लोगों द्वारा फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ पर हमला, मारपीट करने की घटनाओं का जिक्र करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की गुहार लगाई गई है।
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गुरुग्राम निवासी अंबिका यादव की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डालकर फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ के सदस्य दिन-रात कोविड मरीजों के इलाज में जुटे हैं। पिछले साल मार्च महीने से अब तक पूरे देश में कोरोना महामारी के चलते मेडिकल स्टाफ पर काम का भारी दबाव बना हुआ है। पूरे देश की भांति मेडिकल स्टाफ की कमी झेल रहे हरियाणा में बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से डाक्टरों की कमी के चलते सहायता की मांग की गई थी। इस पर डॉक्टरों के अलावा करीब 1200 मेडिकल छात्रों को भी कोविड मरीजों के इलाज में लगाया गया है। इन हालात के बावजूद हरियाणा में कई जगह हर रोज डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से मारपीट की सूचनाएं आ रही हैं, जिससे मेडिकल स्टाफ में भय का माहौल पैदा हो रहा है।
याचिका में कहा गया है कि हरियाणा में कोविड मरीजों और उनके परिजनों द्वारा डॉक्टरों व अन्य स्टाफ से मारपीट और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। राज्य पुलिस फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा करने में विफल रही है। इस बाबत उसने राज्य सरकार को एक मांग पत्र देकर कदम उठाने का आग्रह किया था लेकिन सरकार ने उनकी मांग पर कोई विचार नहीं किया। याचिका में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
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