मेरी झोंपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, श्याम आएंगे पर जमकर नाचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। श्री माता मनसा देवी सेवा ट्रस्ट की ओर से दशहरा ग्राउंड सेक्टर-5 में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वीरवार को भगवान श्री कृष्ण जन्म महोत्सव में श्रद्धालु जमकर झूमे। कथावाचक विश्व विख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी ने समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्री राम जन्मोत्सव एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। श्रद्धालुओं को अलग-अलग भजन सुनाकर जया किशोरी ने नाचने पर मजबूर कर दिया। मेरी झोंपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, श्याम आएंगे के भजन पर श्रद्धालु मग्न हो गए। श्रीमद्भागवत कथा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर बधाइयां गाई गईं। आनंद विभोर हो श्रद्धालु झूमकर नाचे। दशहरा मैदान पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का वीरवार को चौथा दिन था। श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर जया किशोरी जी ने बधाइयां गाईं। भगवान कृष्ण जन्मोत्सव में नन्हे बालक ने भगवान कृष्ण का रूप धारण कर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कथा वाचक जया किशोरी ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है तो भगवान अवतरित होकर संकट को दूर करते हैं। भगवान शिव और भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिए हैं। भक्तों की पुकार पर दैत्य दानवों के संहार के लिए भगवान स्वयं धरती पर प्रकट हुए और दुष्टों का हर युग में संहार किया। जया किशोरी ने कहा कि अपने जीवन में आसपास मित्र और सलाहकार श्रीकृष्ण जैसे बनाएं। हर व्यक्ति के भीतर कृष्ण है। हर घर में ग्रंथ, गीता है उसका अध्ययन करें। जिस कृष्ण को बाहर ढूंढ रहे हो, वह आपके घर के अंदर है।
उन्होंने अर्जुन और कृष्ण, दुर्योधन और कर्ण की मित्रता के प्रसंग के माध्यम से कहा कि दोस्त ऐसे होने चाहिए जो बुरे काम में आपका साथ न दें। दोस्त का मतलब मौज मस्ती नहीं, अच्छाई बढ़ने में समय लगता है, लेकिन बुराई बढ़ने में समय नहीं लगता। अच्छे काम के लिए मां बाप को बोलना पड़ता है, अच्छा बनना कठिन है और बुरा बनना आसान है, जिसके लिए किसी को नहीं बोलना पड़ता। बुरे लोगों के साथ मेहनत नहीं लगती। भगवान के जीवन की पहली सीख यही है। आपके आसपास अर्जुन, कृष्ण जैसे सलाहकार दोस्त होने चाहिए। ये मायने रखता है सलाहकार कौन हैं, महाभारत और गीता से सीख लें। अपने जीवन में कृष्ण जैसे मित्र सलाहकार रखो, जिसको सत्संग पसंद है, उसके लिए हर घड़ी आनंद ही आनंद हैं। आज श्रीकृष्ण बाल लीला, श्री गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग लगाए जाएंगे। कथा में रोज हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।