चंडीगढ़। डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह व उसके 10 साथियों पर पंजाब सरकार ने नए सिरे से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) लगा दिया है। पंजाब सरकार ने यह जानकारी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को दी है और इस पर अमृतपाल सिंह सहित उसके सभी साथियों ने बताया कि एनएसए के खिलाफ एडवाइजरी बोर्ड और केंद्र सरकार को वह मांगपत्र सौंप चुके हैं। हाईकोर्ट ने इस जानकारी पर एडवाइजरी बोर्ड और केंद्र सरकार को मांगपत्र पर छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
पिछली सुनवाई के दौरान जब अमृतपाल सिंह सहित उसके सभी 10 साथियों की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि 18 मार्च, 2023 को इन सभी के खिलाफ एनएसए लगाकर इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा गया था। एनएसए का आदेश एक साल तक ही लागू रह सकता है। यह आदेश खत्म होने को लेकर पंजाब सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल ने हाईकोर्ट को बताया कि इन सभी के खिलाफ नए सिरे से एनएसए लगाया गया है।
अमृतपाल सिंह के साथी पपलप्रीत सिंह, भगवंत सिंह उर्फ प्रधानमंत्री बाजेके, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, कुलवंत सिंह रायोके, सरबजीत कलसी, गुरिंदर औजला और बसंत सिंह की एनएसए के खिलाफ याचिका गत वर्ष से ही लंबित है। याचिका दाखिल करते हुए सभी ने बताया कि पंजाब में अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पंजाब सरकार ने मुहिम चलाई थी। इस मुहिम के तहत अमृतपाल के साथियों पर शिकंजा कसा गया था। इसी कड़ी में याचिकाकर्ताओं को भी शिकार बनाया गया और उसके खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद उन्हें गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया। याचिका के अनुसार उनके खिलाफ की गई यह कार्रवाई कानून की तय प्रक्रिया का पालन करते हुए नहीं की गई है।