फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दवाइयां सप्लाई करने का झांसा देकर लोगों से की ठगी, आरोपी फरार

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। सेक्टर 12-ए गांव रैली स्थित एमएस मेडबेरी नामक पौष्टिक औषधीय दवाइयों की फर्म का एक कर्मचारी लोगों को दवाई सप्लाई करने का झांसा देकर उनसे हजारों रुपये की ठगी कर फरार हो गया। आरोपी कर्मचारी फर्म के प्रोपराइटर का मोबाइल फोन और उनके कस्टमर से संबंधित डाटा भी साथ ले गया। एमएस मेडबेरी के प्रोपराइटर धीरज जिंदल की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान मूल रूप से रंजीत नगर, सियूना रोड, पटियाला निवासी एवं फिलहाल जीरकपुर स्थित बलटाना फेज-1 के हरमिलाप नगर में बतौर पीजी में रहने वाले परविंदर सिंह बताई गई है।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता धीरज जिंदल ने पुलिस को बताया कि करीब एक वर्ष से वह पौष्टिक औषधीय, हेल्थ प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेचने का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2020 में उन्होंने परविंदर सिंह को अपनी फर्म में टैली सेल्स एग्जीक्यूटिव की नौकरी पर रखा और कस्टमर सपोर्ट, कलेक्शन और एक्सेप्टेंस, दवाइयों की डिलीवरी की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। उन्होंने परविंदर सिंह को एमएस मेडबेरी के नाम पर एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी दिया था।
मार्च महीने के अंत में उन्हें पता लगा कि परविंदर सिंह अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं कर पावर का दुरुपयोग कर रहा है। धीरज जिंदल ने बताया कि उन्हें अपने कस्टमर से पता लगा कि परविंदर सिंह ने उन्हें कांटेक्ट कर उसके पर्सनल मोबाइल नंबर पर आर्डर करने और एडवांस पेमेंट उसके निजी बैंक खाते में जमा करने को कहा है। 9 अप्रैल 2020 को धीरज जिंदल ने परविंदर सिंह से उसके हरमिलाप नगर स्थित आवास पर संपर्क किया तो उस दौरान परविंदर ने उनके फोन कॉल उठाने बंद कर दिए। उन्होंने आरोपी परविंदर को नौकरी से निकाल दिया। इस पर परविंदर सिंह ने उसी दिन धीरज जिंदल को ऑफिशियल सिम कार्ड तो लौटा दिया लेकिन मोबाइल फोन और दस्तावेज सहित कस्टमर का डाटा नहीं दिया। यह सब मांगने पर आरोपी ने धीरज जिंदल से उसका बैलेंस अमाउंट (तनख्वाह) देने की बात कही। धीरज ने आरोपी के बैंक अकाउंट में उसका बैलेंस अमाउंट जमा करा दिया, बावजूद इसके आरोपी ने उनका सेलफोन और दस्तावेज नहीं लौटाए। आरोपी ने बताया कि यह सब उसके पटियाला स्थित आवास पर है और लॉकडाउन के बाद उन्हें देगा। धीरज जिंदल ने एक माह बाद दोबारा परविंदर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उसके दोनों मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिले।
विज्ञापन

इस बीच 13 मई को दिल्ली निवासी उदय ठाकुर ने उन्हें बताया कि परविंदर सिंह ने उनसे संपर्क कर उसके निजी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने को कहा है। फिर 17 मई को ही महिला सवीना बैजू ने फर्म से संपर्क साधकर बताया कि उन्होंने विभिन्न ट्रांजेक्शन कर गूगल पे और गूगल बैंक के माध्यम से उन्हें दी गई आईडी पर 67000 रुपये जमा कराए हैं। जांच करने पर पता लगा कि उन्होंने पैसे गलत आईडी पर ट्रांसफर किए हैं, जो बैंक खाता परविंदर सिंह के नाम पर है। बहरहाल, पुलिस ने आरोपी परविंदर के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें