पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने बताया कि 18 नवंबर, 2019 को उन्होंने नगर निगम आयुक्त गुरुग्राम को 18 सूत्रीय आरटीआई आवेदन भेजा था। गुरुग्राम में ठोस कूड़ा प्रबंधन स्कीम की ठेकेदार चीन की कंपनी के बारे में सूचनाएं मांगी थी। लेकिन, निगम के जन सूचना अधिकारियों एवं वरिष्ठ सफाई निरीक्षकों ने निगम के संयुक्त आयुक्त के आदेशों के बावजूद पूरी सूचनाएं नहीं दी।
इतना ही नहीं राज्य सूचना आयोग के नोटिस का जवाब तक नहीं दिया और न ही 2 जुलाई को केस की सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ में हाजिर हुए। राज्य सूचना आयुक्त जय सिंह बिश्नोई ने 2 जुलाई को केस की सुनवाई के बाद चारों अधिकारियों को पूरी सूचनाएं न देने का दोषी मानते हुए दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि अपीलकर्ता को नगर निगम बतौर मुआवजा अदा करेगा।