चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पत्नी गुरप्रीत कौर द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस के बाद पांच करोड़ रुपये के कथित लेनदेन का विवाद गरमा गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह ने सोमवार को कहा कि उन्हें अभी तक कोई कानूनी नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने पर वह कानूनी प्रक्रिया से जवाब देंगे और अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।
रंजीत सिंह ने दावा किया था कि दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए गुरप्रीत कौर ने पांच करोड़ रुपये मांगे थे। गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में 24 घंटे में माफी मांगने को कहा गया, न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सोमवार को रंजीत सिंह ने कहा कि वह नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। यदि मामला अदालत पहुंचता है तो वह न्यायिक प्रक्रिया से उसका मुकाबला करेंगे। उन्होंने कोई नया आरोप खुद से नहीं लगाया। उन्होंने अदालत के फैसले या सामने आए तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी है।
मानवाधिकार आयोग का संज्ञान :
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है। मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी भेजा गया है। हालांकि, आयोग ने अभी आरोपों को सही या गलत ठहराने वाला कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।