मोरनी। ठंडोग पंचायत में एक करोड़ की लागत से बनाए गए डैम का निर्माण जांच के घेरे में है। इस डैम को बनाने वाले वन विभाग पर घोटाले का आरोप लगा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) हरियाणा को शिकायत दी है। इसके बाद बुधवार को एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है, लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो हरियाणा की जांच टीम ने निर्माण के सैंपल भरे हैं। इस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कराए जाने वाले अधिकतर कार्यों में घोटालों की शिकायतें हो रही हैं। काम को देखने में अनियमितताएं होती हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में ठोस जांच या कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता खुशहाल सिंह ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा मोरनी की ठंडोग पंचायत में डैम का निर्माण वर्ष 2024 में करवाया गया था। इसकी हालत बेहद खस्ताहाल है। जगह-जगह से यह टूटा हुआ है, जिस पर लीपापोती की गई है। डैम बनाने का उद्देश्य भी पूरा नही हुआ है। उनका कहना है कि यह सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है और विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। अब अगर कार्रवाई नहीं होती है तो सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को बड़ा झटका होगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।
ठेकेदारों की शिकायत के बावजूद उन्हीं से करवाया जा रहा काम
सूत्रों के अनुसार ठेकेदारों का चयन योजनाबद्ध तरीके से बाहर के क्षेत्रों से किया जाता है ताकि स्थानीय लोगों को कार्य की असली जानकारी न मिल सके। हैरानी की बात यह है कि ठेकेदार का नाम केवल कागजों तक बिलों को पास करवाने और विभागीय अड़चनों को दूर करने के लिए होता है। धरातल पर काम सीधे वन विभाग के अधिकारी करवाते हैं। जो ठेकेदार लगातार काम करवा रहे हैं, उनके कार्यों में शिकायत के बावजूद उन्हीं से काम करवाया जा रहा है।
जानकारी से जनता को अंधेरे में रखना
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी जो भी पैसा विकास कार्यों या फिर किसानों की उत्थान के नाम पर खर्च करते हैं, उसकी जानकारी गोपनीय रखते हैं। ऐसा करने का उद्देश्य केवल सरकारी पैसा का गोलमाल करना है। निर्माण कार्यों की लागत, तकनीकी नियम और स्वीकृति संबंधी विवरण जनता से छुपाए जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति जानकारी लेने की कोशिश करता भी है तो उसे अधूरी या कागजी जानकारी ही दी जाती है।
अब निगाहें जांच पर
इलाके के लोग देख रहे हैं कि ठंडोग पंचायत में डैम की जांच आखिर किस स्तर तक जाती है, क्योंकि इससे पूर्व भी कई मामलों में जांच चल रही है। अधिकतर करवाए गए कार्यों में घोटालों के आरोप लग रहे हैं।
कोट...
लोगों के आरोप बेबुनियाद हैं। हम उन्हें आरोप लगाने से रोक नहीं सकते। एंटी ब्यूरो क्रप्शन अपना काम कर रही है।
-विशाल कौशिक, मोरनी-पिंजौर, वन मंडल अधिकारी