सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में आयोजन, देशभर के आए विभिन्न स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों की कर रहे हैं बिक्री
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में सरस क्राफ्ट मेले लोग जमकर खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। 12 मार्च तक चलने वाले मेले में देशभर से स्वयं सहायता समूहों की लगभग 400 महिला कारीगरों ने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर बिक्री के लिए लगभग 200 स्टाॅल लगाए हैं। सोमवार को हरियाणा लोक संस्कृति उत्थान ट्रस्ट पंचकूला ने बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मेले का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेन्द्र बबली ने किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता विशेष तौर पर पहुंचे।
इस दौरान देवेन्द्र बबली ने कहा कि सरस मेले में देशभर के विभिन्न स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रहे हैं। एसएचजी के स्टॉल महिला कारीगरों के कौशल, क्षमता और कड़ी मेहनत को प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्होंने ने कहा कि पंचकूला एक मेट्रो सिटी है। यहां पर सरस मेले का आयोजन एक तरह से ग्रामीण तथा शहरी व्यवस्था का अद्भुत संगम है। ऐसे सरस मेलों से बहन-बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही दूसरे प्रदेशों से आई बहनों को एक-दूसरे के रीति-रिवाजों से भी परिचित होने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूह के उत्थान के लिए प्रयासरत है।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि यहां पर देशभर में हाथ से तैयार सामान जिले के लोगों को मुहैया हो सकेगा। पंचकूला, मोरनी, कालका, बरवाला की स्वयं सहायता समूहों को नये प्रोडक्टों की जानकारी मिलेगी।
सरस मेले में बेस्ट स्टाॅलों को किया सम्मानित
पंचायत मंत्री देवेन्द्र बबली व हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने खाने के स्टाॅल में प्रथम पुरस्कार जींद को, दूसरा पुरस्कार अंबाला को व तीसरा पुरस्कार राजस्थान को दिया। हैंडलूम में मध्यप्रदेश को पहला, उतराखण्ड को दूसरा व हिमाचल प्रदेश को तीसरा पुरस्कार दिया गया। प्रदेश स्तर पर पंचकूला को प्रथम, फतेहाबाद को दूसरा व अंबाला ने तीसरा स्थान हासिल किया। किन्नर समाज को विशेष तौर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हरियाण लोक संस्कृति उत्थान ट्रस्ट पंचकूला के सौरभ अत्री को बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिए स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।