माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-1ए खड़क मंगोली स्थित गोशाला में अव्यवस्थाओं के चलते संरक्षित पशुओं की लगातार मौत हो रही है। अब 516 पशुओं में से महज 100 ही बचे हैं। इनमें भी कुछ बीमार हैं, कुछ दम तोड़ने के कगार पर हैं। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने मुआयना किया ताे देखा कि एक बंद कमरे में कुछ बछड़े हैं। उनमें एक दम तोड़ने वाला है। वहां न चारा है, ना ही पानी। यहां गायों का मरने का सिलसिला अप्रैल में शुरू हुआ था, जो अब तक थमा नहीं है। इसी गोशाला में संरक्षित पशुओं का चारा भैंसों को खिलाया जाता है। इस मामले की जांच के लिए सीएम विंडो, नगर निगम प्रशासन सहित तमाम विभागों को सेक्टर-19 निवासी राजेंद्र यादव ने वीडियो और फोटो भेजी, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं।
नगर निगम ने माना 100 पशुओं की हुई मौत
सेक्टर-19 के राजेेंद्र यादव ने सीएम विंडो को 7 जून को गोशाला की अव्यवस्था, संरक्षित पशुओं के मरने, गोशाला में भैसों को रखने के संबंध में शिकायत दी थी। इसके बाद नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजा था। इसमें 100 गायों के बीमार होने पर मौत की पुष्टि की गई है। भैंस और भैंसों को श्मशान घाट में रखने का दावा किया गया है। शनिवार को किए गए अमर उजाला की रियलिटी चेक में भैंसा गोशाला में संरक्षित पशुओं के साथ बंधा पाया गया।
गायों का चारा कौन गटक रहा
खड़क मंगोली गोशाला पंचकूला शहरी क्षेत्र की एकमात्र गोशाला है। वहां गायाें के साथ भैंसों को भी रखा जाता है। लोगों द्वारा दिए जाने वाला चारा भैंसों को खिलाकर फायदा उठाया जा रहा है। दूसरी तरफ गोवंश को सूखे भसे के भरोसे छोड़ दिया गया है। हरा चारा तो कोई सप्ताह में आया और खिला गया। इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है।
सेक्टर-1ए खड़क मंगोली गोशाला से जुड़ा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच की जाएगी और इसकी वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। - सचिन गुप्ता, कमिश्नर, नगर निगम पंचकूला।