बिजली की समस्या से परेशान मोरनी खंड की चार पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को 33 केवी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कार्यालय पर ताला लगा दिया। जब इस पर भी सुनवाई नहीं हुई तो मोरनी पंचकूला मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगाने की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समस्या समाधान का आश्वासन देकर लोगों को शांत करवाया।
प्रदर्शन का मुख्य कारण प्रदेश सरकार द्वारा ‘जगमग हरियाणा योजना’ से जोड़ी गई ब्लॉक की चार पंचायतों में बिजली की भारी समस्या को ठीक करवाना था। ग्रामीणों ने बताया कि टिकरी फिटर से जोड़ी गई चार पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण सुबह आठ बजे मोरनी बिजली विभाग के 33 केवी कार्यालय में पहुंचे, जहां जेई ने समस्या के समाधान को लेकर कोई जवाब नहीं दिया। इससे गुस्साए लोगों ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय पर ताला लगा दिया।
लोगों का गुस्सा शांत होता ना देख दोपहर एक बजे मोरनी पहुंचे निगम के उपमंडल अभियंता रविंद्र ढाकला को भी लोगों ने कार्यालय में बंद कर दिया। तीन बजे कनिष्ठ अभियंता बीएस रंगा मोरनी पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उन्हें हल करवाने का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए। सरपंच रणबीर सिंह, सरपंच बलदेव सिंह, टिपरा के सरपंच उपेंद्र सिंह, दारड़ा के सरपंच देविंद्र सिंह, बीडीसी चेयरमैन कमलदीप, पंचायत समिति सदस्य महेंद्र सिंह समराल, पूर्व सरपंच गुलाब सिंह, चतर सिंह पहलवान, पूर्व भाजपा नेता फूल सिंह भूडी, परमजीत भूडी ने बताया कि टिकरी बिजली फिटर में बिजली की समस्या को ठीक होने में कई दिन लग जाते हैं।
दोगुना आता है बिजली का बिल
ग्रामीणों का कहना है कि वह बिजली बिल से परेशान हैं। वह जितना बिल एक माह में देते हैं उतना बिल दूसरी पंचायतों में दो माह का आता है। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में यदि शाम पांच बजे भी फ्यूज उड़ जाए तो ठीक करने कोई कर्मचारी नहीं आता है। क्योंकि निगम के पास रात में काम करने वाला कोई कर्मचारी नहीं है। भौज टिपरा पंचायत व नाइटा पंचायत में बिजली की लाइनें लकड़ी के खंभों के सहारे पिछले पांच साल से चल रही हैं। जो बडे़ हादसे का कारण बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर फुल साइज के खंभों को काटकर आधे-2 खंभे लगाए गए हैं, जिससे तारें काफी नीचे हैं जो बडे़ हादसे का कारण बन सकती हैं। बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता ने 15 दिन में समस्याओं को सुलझाने का आश्वसन दिया।