स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धूम्रपान निषेध अधिनियम को सख्ती से लागू करने के लिए सोमवार को विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम ने धूम्रपान निषेध के नियमों की अवहेलना करने पर होटल, बार और रेस्टोरेंट संचालकों पर 12,850 रुपये का जुर्माना भी किया। धूम्रपान निषेध अधिनियम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. परविंद्रजीत सिंह ने बताया कि टीम द्वारा तंबाकू उत्पाद बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के साथ-साथ होटल वेस्टर्न कोर्ट, केसी क्रॉस, लावण्य, ईएलएम और बू्र इस्टेट इत्यादि का निरीक्षण करने पर नियमों की अवहेलना पाई गई।
उन्होंने कहा कि अवहेलना के लिए जुर्माना करने के साथ-साथ उन्हें एक्ट को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए और अधिनियम की विभिन्न धाराओं की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना निषेध है। इसके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनसे ऐसे उत्पाद बिकवाना भी गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थलों, होटल, रेस्टोरेंट और बार इत्यादि में धूम्रपान निषेध है का बोर्ड लगा होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार खुली सिगरेट बेचना भी गैर कानूनी है और सिगरेट या तंबाकू उत्पाद के पैकेट के 85 प्रतिशत हिस्से पर तंबाकू का सेवन हानिकारक की चेतावनी लिखना जरूरी है। ऐसा न करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट और बार मालिक अगर चाहे तो स्मोकिंग जोन बना सकते हैं लेकिन इसके लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मापदंडों की पालना सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा के निर्देश पर चलाया गया। यह निरीक्षण अभियान भविष्य में भी जारी रखा जायेगा और खामियां मिलने पर जुर्माना व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।