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हरियाणाः लॉकडाउन में विद्यार्थियों के तनावग्रस्त होने की आशंका, सरकार ने बनाई हेल्पलाइन

Sat, 11 Apr 2020 01:12 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरियाणा सरकार के सामने संकट की इस घड़ी में विद्यार्थियों को तनाव और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने की बड़ी चुनौती है। माना जा रहा है कि कोरोना महामारी के कारण कुछ विद्यार्थी तनावग्रस्त हो सकते हैं। जिसे देखते हुए विद्यार्थियों को परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने 24×7 हेल्पलाइन लांच की है। उच्चतर शिक्षा विभाग की कक्षाओं में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र निम्न मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। उन्हें अपने तनाव के स्तर को कम करने के लिए कोई भी समाधान और मार्गदर्शन नहीं मिलता है।
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ऐसे छात्र बंद के कारण तनावग्रस्त होकर अपनी पढ़ाई न छोड़ दें, उनकी काउंसिलिंग के लिए यह हेल्पलाइन मार्गदर्शक एजेंट के रूप में काम करेगी। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे, तनाव, चिंता, अवसाद, असंतोष को कम करने और आगे बढ़ने को प्रेरित करने के लिए चार सरकारी कॉलेजों में ‘मैसर्ज योअर दोस्त’ एजेंसी के साथ मिलकर एक काउंसिलिंग हेल्पलाइन शुरू की थी, लेकिन बंद में सभी सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थियों को इस एजेंसी के जरिये हेल्पलाइन सेवा मुहैया कराने का निर्णय लिया है।

उच्चतर कक्षाओं में पढऩे वाले करीब 3.5 लाख विद्यार्थियों की बड़ी मात्रा में कॉल का प्रबंधन करने के लिए विभाग ने ‘मैसर्स टच बेस’ के साथ भी करार किया है। यह टेलीमेडिसिन ऐप प्रदान करेगा। मैसर्स टचबेस एजेंसी हरियाणा के सरकारी कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले मनोविज्ञान के शिक्षकों को परामर्श देने के लिए भी सहमत हो गई है। यहीं नहीं 180 मनोविज्ञान शिक्षकों को पहले ही एजेंसी प्रशिक्षित कर चुकी है।
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साइको सोशल हेल्पलाइन पर आगे आए वालंटियर्स
कोरोना वायरस प्रभावितों के लिए शुरू की गई साइको-सोशल हेल्पलाइन 1075 पर स्वयंसेवकों की अतिउत्साहजनक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो रही हैं। 110 से अधिक स्वयंसेवकों ने कोरोना प्रभावित लोगों की टेली-काउंसलिंग के लिए अपनी सेवाओं की पेशकश की है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के प्रयासों से कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधी व मनोचिकित्सा संबंधी सहायता देने के उद्देश्य से यह हेल्पलाइन शुरू की गई है।

राहत शिविरों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बीच तनाव और चिंता को कम करने में मदद करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जैसे विभिन्न विभागों के परामर्शदाताओं की टीम परामर्श और अन्य मनोचिकित्सा सहायता गतिविधियों को दैनिक आधार पर अंजाम देने में जुटी है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग में आयोजित बैठक में उज्ज्वला और श्रेया ने जॉन हॉपकिंस रैपिड मॉडल पर मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा पर प्रस्तुति दी। सभी परामर्शदाता और नैदानिक मनोवैज्ञानिक उपस्थित रहे।
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