डीजीपी पंजाब ने कहा कि 5 राज्यों से अब तक 36 ड्रग मनी आय और 36 आरोपी व्यक्तियों की गिरफ्तारी। जांच के दौरान नेउत्से फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड, नरेला, दिल्ली सहित विभिन्न फार्मास्युटिकल निर्माण कंपनियों की भागीदारी का खुलासा हुआ है। ये कंपनियां कुछ दवाइयों में कुछ ऐसे ड्रग्स का प्रयोग कर रही थीं कि जिनका औषधीय नशा के रूप में प्रयोग किया जाता है।
कोटे से अधिक करते थे निर्माण
बाप बेटे मंजूर किए गए कोटे के ऊपर और ऊपर फार्मा ड्रग्स का निर्माण कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि दोनों अपने कई सहयोगियों के साथ थोक और फुटकर फार्मास्युटिकल फर्मों के जरिए यह कार्य कर रहे थे। ये नकली फर्म मुख्य रूप से एनआरएक्स दवाओं की खरीद और बिक्री करती थीं। दोनों शातिर बाप बेटे इन फ्रंट फर्मों को कानून पचड़ों और प्रवर्तन एजेंसियों की जांच से बचने के लिए 3-4 महीने के बाद बंद कर देते थे।
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