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हरियाणा बजट सत्रः तीन माह में मेडिकल कॉलेजों को निर्माण कार्य होगा शुरू, मिलेंगे पसंद के आधे पेड़

Mon, 24 Feb 2020 10:57 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
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हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के किसानों को नई सड़क बनाने के लिए होने वाले कटान में से अब इच्छानुसार आधे पेड़ मिलेंगे। साथ ही वन विभाग के अधिकारी किसान की हिस्सेदारी तय करने केलिए उसके घर जाएंगे। वन मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान घोषणा की। असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी ने करनाल-कैथल, करनाल-असंध सड़कों को चौड़ा करने के लिए काटे गए वृक्षों की जानकारी मांगी थी।
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कंवर पाल ने कहा कि सड़क बनाते समय 3 मीटर के क्षेत्र में जो वृक्ष काटे जाएंगे, उनकी हिस्सेदारी के लिए किसान को वन महकमे के पास चक्कर नहीं काटने होंगे। वन विभाग संबंधित किसान से संपर्क करेगा और किसान को उसकी इच्छा के अनुसार आधे वृक्ष देगा। काटे गए पेड़ों की जगए नए पौधे भी किसान की मर्जी के ही लगाए जाएंगे। ताकि उनकी आय में वृद्घि हो सके। अभी किसानों की यह शिकायत रहती थी कि वन विभाग अच्छे पेड़ खुद रख लेता है और बालन किसानों को दे देता है।

भविष्य में ऐसा नहीं चलेगा। साथ ही काटे गए गए पेड़ों की जगह नए पौधे भी बिना किसान को पूछे ही लगा दिए जाते थे। जिससे किसान नाराज होते थे। उन्हें पौधों की किस्म पसंद नहीं होती थी। अब वही पौधे लगेंगे जो काम के होंगे और उन्हें काटने पर किसान को अच्छे दाम मिल सकें। वन मंत्री ने कहा कि वृक्ष बंटवारा नियम 1987 में संशोधन भी करेंगे। करनाल-कैथल दो सड़कों और करनाल-असंध सड़क को चौड़ा करते समय कुल 20309 पेड़ काटे गए हैं।
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इसमें से करनाल-कैथल सड़क मार्ग एक पर 8170, करनाल-कैथल सड़क मार्ग-2 पर 11576 और करनाल से असंध मार्ग पर 563 पेड़ कटे हैं। वृक्ष बंटवारा नियम 1987 के प्रावधान के तहत करनाल-कैथल सड़क के किनारे सरकारी भूमि के वृक्षों में से 20 वृक्ष एक किसान को 50 प्रतिशत हिस्से के रूप में दिए हैं।

गोगी की मांग पर वन मंत्री जांच को तैयार
कांग्रेस विधायक गोगी वन मंत्री कंवर पाल के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसानों ने काटे गए पेड़ों में से आधा हिस्सा न मिलने की शिकायतें उन्हें दी हैं। तीनों सड़कें उनके विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। सरकार पूरे मामले में हुई अनियमितताओं की जांच कराए। इस पर वन मंत्री ने कहा कि उन्हें सूची सौंप दें, जांच करा देंगे।

मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीन महीने के भीतर शुरू

हरियाणा सरकार जींद, भिवानी, नारनौल और गुरुग्राम मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीन महीने के भीतर शुरू करा देगी। निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित किया जा चुका है। भिवानी मेडिकल कॉलेज की भी 524.95 करोड़ की डीपीआर एजेंसी ने तैयार कर ली है। चारों कॉलेजों के निर्माण का काम एक ही एजेंसी के पास है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भाजपा विधायक कृष्ण मिड्ढा के सवाल पर यह जानकारी सदन में दी। उन्होंने कहा कि जींद, भिवानी, नारनौल व गुरुग्राम में नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्य के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है।

जींद के नए चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण तीन साल में दो चरणों में पूरा होगा। प्रथम चरण के निर्माण पर 524.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और दूसरे चरण में 139.63 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस महाविद्यालय के निर्माण के लिए चारदीवारी का कार्य पूरा हो चुका है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार 663.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 6 करोड़ 42 लाख 30 हजार 131  रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। भिवानी चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण का काम भी तीन महीने के अंदर शुरू हो जाएगा।

इस पर जींद से भाजपा विधायक कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण में देरी हो रही है। हाईवोल्टेज लाइन के खंभों को भी अब तक नहीं हटाया गया। 24 मार्च 2015 को इसकी घोषणा की गई थी। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने भिवानी मेडिकल कॉलेज को लेकर अनुपूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बताएं कॉलेज भिवानी में बनेगा या प्रेमनगर में। इस पर अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस सरकार में तो मेडिकल कॉलेज को लेकर कुछ नहीं हुआ। किरण, उस समय के सीएम भूपेंद्र हुड्डा से लड़ती रहती थीं, हुड्डा ने सिर्फ पत्र जारी किया। कॉलेज बनाकर हम दे रहे हैं, धैर्य रखिए।

फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान के सवाल पर घिरी सरकार

हरियाणा के फिरोजपुर झिरका के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी पर गठबंधन सरकार सदन में पूरी तरह घिर गई। फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा  कि हमारे बच्चे तो मेज, कुर्सी को ही मास्टर समझकर नमस्ते कर आते हैं।

जेबीटी से लेकर पीजीटी शिक्षकों के 1355 पद स्कूलों में खाली पड़े हुए हैं। उनके हलके के 313 कुल विद्यालयों में 2875 पद स्वीकृत हैं,  जिनमें से 1520 शिक्षक ही कार्यरत हैं। जेबीटी के 608, टीजीटी, सीएंडवी के 552, पीजीटी के 142, प्रिंसिपल के 4, मुख्याध्यापक के 9, मिडिल हेड के 24, मुख्य शिक्षक के 16 पद खाली हैं।

विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा नहीं हो पाता, क्या उन्हें परीक्षा में यह लिखने की छूट मिलेगी कि तीन महीने से स्कूल में शिक्षक नहीं है, इसलिए सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे। मामन खान के तीखा हमला बोलने पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने भी स्वीकारा की शिक्षकों की कमी मेवात जिले सहित पूरे प्रदेश में है।

दो माह में एचएसएससी को भेजेंगे पद भरने की मांग, जल्दी होगी भर्ती
आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी कर देंगे। सरकारी विद्यालयों में पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी/जेबीटी श्रेणियों के खाली पदों पर सीधी भर्ती करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग दो महीने के अंदर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को विस्तृत विवरण भेज देगा। इसके बाद जल्दी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

राजकीय प्राथमिक विद्यालयों व राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में मुख्य शिक्षक, राजकीय उच्च विद्यालयों में हेडमास्टर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के खाली पद पदोन्नति से भरे जाएंगे। इन पदों को भरने के लिए केस आमंत्रित किए गए हैं, तीन महीने में प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। पीजीटी, टीजीटी के पद सीधी भर्ती और पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने हैं। इसकी प्रक्रिया भी चल रही है। ये भी तीन महीने में पूरी हो जाएगी। खाली पद भरने के बाद स्टाफ की कमी नहीं रहेगी।

रेवाड़ी में 5.32 एकड़ में बनेगा नया कॉलेज
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि रेवाड़ी जिला में 11 राजकीय महाविद्यालय हैं। रेवाड़ी में लड़कों के लिए एक अन्य राजकीय महाविद्यालय का भी निर्माण करवाया जाएगा, जिसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 5 एकड़ भूमि उच्चतर शिक्षा विभाग को उपलब्ध करवा दी है। इस महाविद्यालय के भवन निर्माण को 12 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हो चुकी है। जल्दी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। भवन कुल 5.32 एकड़ भूमि में बनना है।

निजी स्कूलों के पचास हजार छात्रों को भी जारी होंगे एडमिट कार्ड

हरियाणा के 562 निजी स्कूलों के लगभग 50 हजार विद्यार्थियों को भी स्कूल शिक्षा बोर्ड को एडमिट कार्ड जारी करने होंगे। अब बोर्ड किसी विद्यार्थी का कार्ड नहीं रोक पाएगा। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने विधानसभा में शून्यकाल के दौरान आश्वस्त किया कि सभी विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड जारी होंगे। कोई परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

निजी स्कूलों पर लगे 5-5 हजार रुपये जुर्माने को लेकर एक बार तो शिक्षा मंत्री की जुबान फिसल गई, इससे पहले की विपक्ष ज्यादा शोर-शराबा करता उन्होंने अपने शब्द वापस ले लिए। पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल शून्यकाल की शुरुआत में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड रोकने का मामला सदन में उठाया।

उन्होंने कहा कि परीक्षाएं सिर पर हैं और बोर्ड एडमिट कार्ड नहीं जारी कर रहा। पिछली बोर्ड परीक्षाओं में अगर निजी स्कूलों के शिक्षकों ने डयूटी नहीं दी तो उसकी सजा विद्यार्थियों को नहीं दी जानी चाहिए। कई शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा देने का मानदेय भी अब तक नहीं मिला है। इसके साथ ही निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्र 20 से 40 किलोमीटर दूर बना दिए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों को नजदीक बनाया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने सदन को बताया कि पंसद के आधार पर निजी स्कूलों को केंद्र आवंटित किए हैं। 1800 निजी स्कूलों में से 960 को पहली पंसद के आधार पर, 521 को दूसरी पसंद, 189 स्कूलों को तीसरी पसंद, 75 स्कूलों को चौथी पंसद व 31 स्कूलों को पांचवीं पसंद देने पर परीक्षा केंद्र मिले हैं।

89 स्कूलों की ओर से परीक्षा केंद्रों को लेकर कोई पसंद दी ही नहीं गई। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों से मिली पसंद के आधार पर ही केंद्रों का आवंटन किया है।

अवैध खनन पर सरकार ने झेले विपक्ष के वार, जमकर तकरार

 हरियाणा विधानसभा में कांग्रेसी विधायकों ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग के मामले में सरकार पर कई वार किए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि खनन के नाम पर खुला खेल चल रहा है और सरकार इस पर नकेल कसने को असफल है। विपक्ष ने ओवरलोडिंग में पकड़ने जाने वाले वाहनों को नाजायज तंग करने का भी आरोप जड़ा। विपक्ष के इन हमलों का जवाब सदन में खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने दिया।

विधायक बिशनलाल सैनी ने कहा कि यमुना में सरकार ने भले ही खनन के लिए निर्धारित क्षेत्र अलाट किया है। मगर स्थिति यह है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से खनन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या खनन मंत्री ईमानदारी से यह बात कह सकते हैं कि खनन उतने ही क्षेत्र से हो रहा है, जितना क्षेत्र ठेकेदारों को अलाट किया गया है।

ठेकेदारों ने खनन करते वक्त कोई जगह नहीं छोड़ी। कच्चे बिलों पर ही अवैध खनन का काम चल रहा है। विधायक धर्मपाल छौक्कर ने कहा कि अवैध खनन चरम सीमा पर है। सरकार अवैध खनन पर कार्रवाई के नाम पर छोटे बुग्गी वालों को तो पकड़ते हैं, मगर बड़े खनन माफिया पर जल्द हाथ नहीं डाला जाता।

अवैध खनन पर नकेल कसने में असफल रहने का आरोप

विधायक शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि उनके हलके में भी अवैध खनन की हद हो चुकी है। ठेकेदारों ने गांवों तक में मिट्टी हजम करने में भी कसर नहीं छोड़ी है। वे बार-बार इसकी शिकायत हरियाणा खनन विभाग के अफसरों को करते रहे, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो महीने लग गए तब जाकर निसिंग थाने में एफआईआर दर्ज हुई और उस भी आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग दोनों अलग-अलग हैं।

मगर खनन विभाग राजस्थान से पत्थर लेकर हरियाणा आ रहे ओवरलोडेड वाहनों को भी अवैध खनन में लपेट रही है। जिससे वाहन चालकों के वाहन कई दिनों तक इंपाउंड रहते हैं और उनके लिए अपने वाहन छुड़वाना बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा कर सरकार वाहन चालकों के साथ अन्याय कर रही है। अगर जांच में ये साबित हो गया कि मामला अवैध खनन का नहीं बल्कि ओवरलोडिंग का है, तो क्या सरकार ऐसे वाहन चालकों को मुआवजा देगी। विधायक राव दान सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकार अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह नाकाम है।

अवैध खनन में पकड़े 1 हजार वाहन, अभियान जारी : मूलचंद
खान एवं भू विज्ञान मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि सरकार ने अभी तक अवैध खनन करने वाले 1 हजार वाहनों को पकड़ा है और ये अभियान अभी जारी है। उन्होंने कहा कि यमुना में हो या किसी अन्य क्षेत्र में प्रदेश में अवैध खनन बरदाश्त नहीं किया जाएगा। यमुनानगर में यमुना में खनन के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि यमुना नद तल में 18 खानें हैं। 15 खानों में खनन कार्य जारी है। जिनका कुल क्षेत्र 1133.42 हेक्टेयर है। 1 मार्च 2010 से बंद होने के बाद अक्टूबर 2016 में फिर से खनन शुरू हुआ। जनवरी 2020 तक  खनन ठेकेदारों से 246.85 करोड़ की राशि ठेके के रूप में एकत्रित की व ठेकेदारों से 23.93 करोड़ जीएसटी के रूप में जमा करवाए।

धान घोटाला: विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार से मांगी टिप्पणी

हरियाणा विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की अस्वीकृत किए जाने पर भी कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा किया। धान घोटाले पर लगाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को भी पेडिंग रखने पर विपक्ष के विधायकों ने नाराजगी जाहिर की। अभी तक विधानसभा में पांच ही प्रस्ताव स्वीकृत हुए, बाकी सभी को अस्वीकृत कर दिया गया। विधायकों की घेराबंदी के बाद विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि किन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा करवानी है। ये उन्हें देखना है, जो प्रस्ताव सालों से चलते आ रहे हैं और सरकार उन पर जवाब भी दे चुकी है।

ऐसे प्रस्ताव यदि बार-बार आएंगें, तो निश्चित तौर पर उन प्रस्तावों को अस्वीकृत ही करना पड़ेगा। स्पीकर ने कहा कि धान घोटाले पर आए प्रस्ताव को अभी अस्वीकृत नहीं किया है, बल्कि इस पर सरकार से टिप्पणी तलब की गई है। टिप्पणी की रिपोर्ट आने के बाद विधानसभा तय करेगी कि इस प्रस्ताव को ध्यानाकर्षण में लाना है या नहीं। जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस धान घोटाले में सदन को स्थिति साफ नहीं करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि जो पांच प्रस्ताव पास हुए हैं, उन पर 27 फरवरी और 3 मार्च को चर्चा होगी।

इस पर विधायक बीबी बत्रा ने आपत्ति जताई। उधर, विधायक किरण चौधरी ने कहा कि उन्होंने पांच ध्यानाकर्षण दिए हैं, उनका क्या हुआ, ये भी बताया जाए। स्पीकर ने इस पर कहा कि उनके प्रस्ताव आज ही उन्हें मिले हैं, वो भी बिना हस्ताक्षर के। जबकि विधायक किरण चौधरी ने कहा कि उन्होंने साइन करके अपने प्रस्ताव भेजे हैं। स्पीकर ने कहा,कोई बात नहीं, वे इस पर विचार करेंगे और जो जरूरी होगा, उस पर  सदन में चर्चा करवाएंगे।

टोल हटाओ या असंध को जिला बनाओ

असंध से विधायक शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि असंध के लोग टोल टैक्स नहीं शायद जजिया कर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि असंध हलका करनाल का हिस्सा है। हजारों लोगों को विभिन्न कामों की वजह से रोजाना करनाल आना-जाना पड़ता है। लेकिन उनका दुर्भाग्य है कि अपने ही जिला हेडक्वार्टर में जाने के लिए यहां लोगों को टोल टैक्स देना पड़ता है। ये बहुत ही दुर्भाग्य की बात है।

ये टोल टैक्स नहीं असंध के लोगों के लिए जजिया कर जैसा है। वे सदन से मांग करते हैं कि या तो इस टोल टैक्स को यहां से कहीं ओर शिफ्ट किया जाए या फिर असंध को हरियाणा का तेइसवां जिला बनाया जाए। अनुसार ये इसलिए भी संभव है, क्योंकि असंध करनाल जिले से बहुत ज्यादा दूरी पर है और यहां तो प्रदेश में 20 किलोमीटर पर ही कुछेक जिले बने हुए हैं।

नीलोखेड़ी-तरावड़ी में तुड़वा दिए 250 मकान, जांच कराओ
विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि पक्की छत  वाले मकान बनवाने का वादा कर नीलोखेड़ी व तरावड़ी में गरीब लोगों के 250 मकान गिरवा दिए गए। ये गरीब लोग आज भी काफी समय से पुलों व ओवरब्रिजों के नीचे झुग्गियों में रह रहे हैं। मगर आज तक उन्हें पक्की छत वाले मकान नहीं मिले। विधायक होने के बावजूद वह खुद नहीं जानते किसने और क्यों इन गरीब लोगों के मकान गिराए गए। मेरी सरकार से मांग है कि इस मामले की जांच करवाई जाए और इन लोगों को मकान उपलब्ध करवाए जाएं।

हुड्डा बोले, फिर हो जाए, न हम बोलने देंगे-न तुम

विधानसभा में सत्ता पक्ष के कुछ विधायक उस वक्त बार-बार कांग्रेसी विधायकों को टोक रहे थे, जब वे सदन में अपनी बात रख रहे थे। इस पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस तरह विधायकों को बर्ताव सदन की तौहीन है। यदि फिर भी भाजपा के विधायक नहीं मानते, तो फिर यह तय कर लो, जब हम खड़े होंगे तो भाजपा विधायक हमें नहीं बोलने देंगे और जब वे खड़े होंगे, तो हम कांग्रेसी उन्हें नहीं बोलने देंगे।

इस पर स्पीकर ने भाजपा विधायकों को हिदायत दी कि वे किसी भी विधायक को अपनी बात पूरी रखने दें। उधर, बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने भी कहा कि हमें विधानसभा के समय का पूरा उपयोग करना चाहिए। बेवजह और बिना मुद्दों की बहस का सदन में कोई मतलब नहीं बनता।

विधायक मां नैना की डिप्टी सीएम बेटे, सीएम से मांगों को लेकर गुहार
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन बाढ़डा से जननायक जनता पार्टी की विधायक नैना सिंह चौटाला ने सीएम मनोहर लाल व अपने डिप्टी सीएम बेटे दुष्यंत चौटाला के समक्ष हलके की अनेक मांगें रखी। नैना ने शून्यकाल में कहा कि बाढ़डा में टोमेटो प्रोसेसिंग यूनिट खोलकर क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करें। टोमेटो प्रोसेसिंग यूनिट खुलने का लाभ क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा। धरने पर बैठे किसानों के लिए उचित कदम उठाए जाएं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी के भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की मांग को लेकर कई महीनों से किसान धरने पर बैठे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि बाढड़ा के गांव चंदेली में कबड्डी और वॉलीबॉल खेल की बहुत अच्छी महिला खिलाड़ी हैं, लेकिन उचित सुविधाओं से वंचित होने के कारण उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन महिला खिलाड़ियों को प्रदेश सरकार एक हॉल और खेलने के लिए उचित सुविधाएं प्रदान करे। हाल ही में कबड्डी प्रतियोगिता के लिए किराए पर लेकर मैट दिए थे। गांव दातौली में पीने के पानी की समस्या के चलते ग्रामीणों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। ग्रामीणों के लिए पीने का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
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महिलाओं के खिलाफ अत्याचार-दुष्कर्म बढ़ा, हत्याएं भी ज्यादा हुईं

हरियाणा में तीन साल में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महिलाओं व बच्चियों से दुष्कर्म और दहेज हत्याएं भी बढ़ी है। जबकि मर्डर के मामलों में भी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही डकैती, चोरी, छेड़खानी, अपहरण इत्यादि मामलों में कमी आई है।

विधायक भारत भूषण बत्रा के एक प्रश्न पर गृहमंत्री अनिल विज ने हरियाणा विधानसभा पटल पर अपराधों की तुलनात्मक रिपोर्ट रखी। विज का कहना है कि  कई संगीन मामलों के आंकड़े कम हुए हैं और सरकार का प्रयास है कि अन्य मामलों में भी कमी आए।

उधर, पिछले दो साल की तुलना करें तो हत्या के केस 2.54 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामले 13.04 प्रतिशत, लूट के मामले 4.62 प्रतिशत, दहेज हत्या के मामले 10.71 प्रतिशत व महिला विरुद्ध  क्रूरता के मामले 17.27 प्रतिशत बढ़े हैं। जबकि अपहरण के मामलों में 14.70 प्रतिशत, डकैती में 20.10 प्रतिशत, चोरी में 4.45 प्रतिशत, सार्वजनिक हिंसा में 10.69 प्रतिशत व छेड़खानी के मामलों में 9.63 प्रतिशत की कमी आई है।

बड़े अपराधों की तुलनात्मक रिपोर्ट
मामले-----------------वर्ष 2017---------2018---------2019
हत्या--------------------1048----------1101---------1129
डकैती-------------------198------------194----------155
हत्या का प्रयास------------956------------986----------900
अपहरण----------------4364------------4720--------4026
दुष्कर्म------------------1248------------1534--------1734
लूट--------------------1247------------1299--------1359
चोरी-------------------23297-----------25675-------24532
दहेज हत्या---------------244-------------224----------248
सार्वजनिक हिंसा----------4526-----------4919--------4393
छेड़खानी----------------1018-----------1194--------1079
महिला विरुद्घ क्रूरता------3326-----------4151--------4868
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