पंजाब में किसानों का आंदोलन (फाइल फोटो)
पंजाब में 30 किसान यूनियनों ने आगामी पांच नवंबर को देशव्यापी चक्का जाम आंदोलन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूनियनों के राष्ट्रीय वर्किंग ग्रुप से सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने शनिवार को बताया कि ऑल इंडिया किसान संघर्ष को-ऑर्डिनेशन कमेटी की पंजाब इकाई केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए 28 अक्तूबर को एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (एक्यूएमसी) की स्थापना और सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का कड़ा विरोध करती है। इस मामले में कमेटी अन्य राज्यों में भी आंदोलन तेज करने जा रही है।
उधर, किसान नेता जगमोहन सिंह और डॉ. सतनाम सिंह अजनाला ने एक्यूएमसी को एक ओर किसान विरोधी अध्यादेश करार देते हुए कहा कि इसके जरिए केंद्र एक बार फिर राज्यों के अधिकारों का हनन कर रहा है।
इस आर्डिनेंस के जरिए केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है और केवल किसानों को ही दोषी बनाया जा रहा है क्योंकि कमीशन राज्य सरकारों की कार्रवाई को निर्देशित करने के लिए अधिकृत होगा, लेकिन केंद्र सरकार को मजबूर नहीं कर सकेगा कि वह स्त्रोत मुहैया कराए।
उन्होंने कहा कि धान की पराली के प्रबंधन के लिए किसानों को विकल्प देने के अदालती आदेश के बावजूद केंद्र ने इसके लिए कोई वित्तीय मदद प्रदान नहीं की। किसान नेताओं ने कहा कि पांच नवंबर को पूरे देश के साथ ही पंजाब में चक्का जाम किया जाएगा।