कृषि कानूनों के विरोध मेें जिले के मुख्य मार्गों पर किसान अपने वाहनों के साथ नजर आ रहे थे। इस दौरान किसानों ने जगह-जगह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बैनर फाड़ डाले। कृषि कानूनों के विरोध में गुरनाम सिंह चढ़ूूनी के नेतृत्व में पंचकूला पहुंचे हजारों किसान सुबह गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब से चंडीगढ़ स्थित हरियाणा राजभवन ज्ञापन देने रवाना हुए।
किसानों के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कांता आलड़िया, महेंद्र बागड़ी, करनैल सिंह ओढ़ा, मनजीत मोखरा, कृष्ण माजरा, सुनील दहिया, मनीषा बहोत, प्रिंस मलहोत्रा, राजपाल प्रजापति, नवीन मेहरा, विजय कंबोज सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
किसानों को रोकने के लिए पंचकूला में 1870 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इसके लिए जिले में कई जगह से पुलिस की टीमों को बुलाया गया था। पंचकूला में बार्डर एरिया में 20 नाके लगाए गए थे।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर सौरभ सिंह, डीसीपी मोहित हांडा गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रहे थे। किसानों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा मुख्य मार्गों को जाम कर दिया गया। जाम करने के साथ ही पुलिस की टीम सादी वर्दी में भी गश्त करती रही।
पंचकूला पुलिस की ओर से ट्रैफिक के बंद होने की पहले ही गाइडलाइन जारी कर दी गई थी। डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि नागरिक और पुलिस प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। इन प्रबंधों का प्राथमिक उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किया गया था।
ये मुख्य मार्ग रहे जाम
किसान आंदोलन के दौरान पंचकूला से यमुनानगर नेशनल हाईवे-7, जीरकपुर-पंचकूला-कालका-शिमला हाईवे, नेशनल हाईवे-5, हाउसिंग बोर्ड चौक चंडीगढ़ से कालका हाईवे, शिमला रोड माजरी चौक, बेला विस्टा चौक, शक्ति भवन, लाइट सेक्टर-7/8, हाउसिंग बोर्ड चौक चंडीगढ़ लाइट सेक्टर-17-18 चौक, हाउसिंग बोर्ड चौक चंडीगढ़ के रास्तों में जाम के हालात बने रहे। इस दौरान मेन सड़क जाम होने के कारण शहर के सेक्टरों की सड़कों पर भी जाम के हालात बने रहे। इस दौरान पुलिस गश्त लगातार जारी रही। पुलिस के जवान शहर में सभी जगह तैनात रहे।