चंडीगढ़। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धपुर) के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। डलेवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे में बढ़ोतरी, खराब मौसम और कीटों के हमले के कारण खराब हुई फसलों के मुआवजे और पराली जलाने को लेकर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने की मांग करते हुए शनिवार को फरीदकोट में आमरण अनशन शुरू किया था।
अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डल्लेवाल ने कहा कि अगर मर भी गया तो मेरी किसान साथियों से अपील है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखें। उन्होंने कहा कि उनका वजन कम होना, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और लो ब्लड शुगर लेवल फिलहाल उनके दिमाग में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन चीजों के बारे में नहीं सोच रहा हूं। हम यहां इसलिए हैं कि सरकार उन मांगों के लिए एक अधिसूचना जारी करे, जो पहले स्वीकार की थी। इसके अलावा रेड एंट्रीज को वापस लेने के साथ ही पराली जलाने पर भारी जुर्माने जैसे आदेशों को वापस लेने की मांगों को भी पूरा किया जाना चाहिए। डल्लेवाल ने मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को किसानों के खिलाफ टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस बीच, प्रशासन ने किसान नेता के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए फरीदकोट में धरनास्थल पर एक मेडिकल टीम तैनात की है। डल्लेवाल का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने पहले कहा था कि उनका ब्लड शुगर लेवल लो हो गया है। जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डलेवाल को अपना अनशन खत्म करने के लिए मनाने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों की हिमायत करते हैं: जय इंदर कौर
आल इंडिया जाट महासभा की महिला प्रधान और भाजपा नेता जय इंदर कौर ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और उनकी हिमायत कर रहे अन्य किसानों का समर्थन करते हुए कहा है कि डल्लेवाल की अगुवाई में किसान 8-9 दिन से पंजाब में विभिन्न स्थानों पर धरना दे रहे हैं और वह इन प्रदर्शनकारी किसानों की हिमायत करते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील करते हैं कि वह अपने हवाई घोड़े से उतरें और किसानों से किए वादे पूरे करें। मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए जय इंदर कौर ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब के किसानों की पीठ में बार-बार छुरा घोंपा है। पहले उन्होंने पराली प्रबंधन के लिए किसानों को 2500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन बाद में पूरी तरह इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ परचे दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। र्पू्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी जय इंदर कौर ने कहा कि मौजूदा सरकार हमारे किसानों के प्रत्येक फ्रंट पर पूरी तरह फेल साबित हुई है और साफ तौर पर पंजाब में सरकार संभालने के बजाय गुजरात चुनाव पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है।