संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। फर्जी डीएसपी बनकर युवाओं को एसआई, कांस्टेबल और होमगार्ड लगवाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले पानीपत निवासी रविंद्र के साथी को डिटेक्टिव स्टाफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आकाश सिरसा निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।
डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज निर्मल सिंह ने बताया कि आरोपी रविंद्र की निशानदेही पर टीम ने चार लाख रुपये, क्रेटा और वरना कार बरामद की हैं। इसके अलावा दूसरे साथी आकाश को भी पकड़ा। आरोपी आकाश सिरसा में जॉब प्लेसमेंट का काम करता है। उसने ही जॉब के लिए युवाओं को आरोपी रविंद्र से मिलवाया था। निर्मल सिंह ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों की तलाश है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 5 अप्रैल को सीएम फ्लाइंग की टीम ने आरोपी रविंद्र को सेक्टर-10 गुर्जर भवन से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने 11 लोगों को नियुक्ति का झांसा देकर करीब एक महीने से गुर्जर भवन में ठहराया हुआ था।
इनमें तीन युवतियां भी शामिल थीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 10 दिन के रिमांड लिया था। नौकरी के लालच में फंसे लोगों ने सीएम फ्लाइंग को गुप्त सूचना दी थी कि आरोपी हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और होमगार्ड लगवाने के का झांसा देकर उनके साथ ठगी कर रहा है। आरोपी ने खुद को क्राइम यूनिट का डीएसपी बताया था। आरोपी एसआई के 15 लाख, कांस्टेबल के 11 और होमगार्ड के लिए 2.50 लाख रुपये लेता था।