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विशेषज्ञ बोले- आम आदमी को उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट

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चंडीगढ़। बजट पेश होने के बाद शहर के विशेषज्ञों से बात की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि गिरती अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी की समस्या को देखते हुए युवाओं को बजट से काफी उम्मीदें थीं। आम आदमी को इनकम टैक्स के पुराने और नए स्लैब के चक्कर में उलझा दिया है। किसानों के लिए भी कोई खास रियायत नहीं मिली है। हालांकि 10 से 15 लाख की आमदन करने वाले को रियायत मिली है। इससे बड़े व्यापारियों को थोड़ा लाभ होगा। पूरे बजट पर विभिन्न पेशा वर्ग से जुडे़ लोगों कर राय पर आधारित एक रिपोर्ट।
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बड़े व्यापारियों के लिए थोड़ी राहत की सांस
बजट संतुलित रहा है। छोटे व्यापारियों को ज्यादा लाभ नहीं मिला है, लेकिन बड़े व्यापारियों को काफी लाभ मिला है। जो लोग 10 से 15 लाख रुपये सालाना कमाते हैं, उनके लिए बजट में थोड़ी राहत मिली है। इनकम टैक्स में स्लैब बनने से अब लोग अपनी इनकम के अनुसार टैक्स दे सकेंगे। वहीं मार्च में उसे अपनी बचत और टैक्स के बारे में सोचना नहीं पड़ेगा।
- संजीव चड्ढा, सेक्रेटरी, चंडीगढ़ व्यापार मंडल
रोजगार के लिए इंतजार कर रहे युवाओं को मिली निराशा
वर्तमान में युवाओं को रोजगार की काफी जरूरत है, लेकिन बजट में केवल स्वरोजगार की बात की गई। अब स्वरोजगार के लिए युवा लोन लेंगे और यदि व्यवसाय सफल नहीं हुआ तो उन्हें दोहरी मार झेलनी होगी। बजट में नौकरी के लिए भी विकल्प खोलने थे ताकि लोग स्टार्टअप योजना के तहत सफल न होने पर दूसरा विकल्प भी पा सकता।
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- संजीव, प्रधान सेक्टर 15, पटेल मार्केट
किसानों की आय दोगुनी करने पर विचार नहीं
बजट में वित्तमंत्री ने सोलर ऊर्जा का उपयोग करने पर जार दिया। बंजर भूमि का उपयोग करने के लिए भी खूब जोर लगाया है, लेकिन किसान की लागत से आय को दोगुना करने की कोई योजना नहीं बनाई है। देश के एक हिस्से में टमाटर फेंका जाता है, वहीं दूसरे हिस्से में लोग 70 रुपये किलो टमाटर खरीदते हैं। लागत की अपेक्षा आय को दोगुना करने का प्रयास करना चाहिए।
- बलजिंदर सिंह, व्यापारी, सेक्टर 15
बजट में आम आदमी को उलझा दिया
बजट में लोगों को पहले पांच लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स माफ करने की घोषणा की गई थी। इससे मध्यम वर्गीय लोगों को काफी राहत भी थी। अब नए स्लैब बनने के बाद लोगों को विकल्प दे दिया गया है। पुराने और नए स्लैब के विकल्प में लोग अब उलझ गए हैं। मध्यम वर्गीय परिवार सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी जीता है। उसे बस टैक्स में रियायत मिली या नहीं इससे मतलब है।
- परमिंदर सिंह, व्यापारी, सेक्टर 15 मार्केट
वर्तमान शिक्षा पद्धति को मजबूती देना जरूरी था
बजट में नई यूनिवर्सिटी खोलने की बात कही गई है। वर्तमान में जो यूनिवर्सिटी और स्कूल हैं उन्हें बेहतर करने के बजाय सरकार नई यूनिवर्सिटी खोलने पर ध्यान दे रही है। व्यापारियों को मंदी के दौर में काफी रियायत मिलने की उम्मीद थी, वह भी नहीं मिली। शेयर मार्केट भी नीचे है। ऐसे में बजट लोगों के लिए फायदेमंद नहीं है।
- नरेंदर सिंह, प्रधान, सेक्टर 19 सदर मार्केट
सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की योजना अच्छी है
बजट में इस बार तेजस जैसी ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव अच्छा है। इसके अलावा सोलर एनर्जी का उपयोग करने की योजना बेहतर है। इससे बंजर भूमि के अलावा रेलवे के किनारे पड़ी भूमि का बेहतर उपयोग होगा। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। बैंकिंग क्षेत्र में गारंटी को एक लाख से पांच लाख तक बढ़ाने का फैसला भी अच्छा है।
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- अमित कुमार, व्यापारी, सेक्टर 22
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