सरहद पर तो अपनी जिम्मेदारी निभाते ही हैं, देश में कोई संकट खड़ा हो जाए तो भी सैनिक और पूर्व सैनिक अपने फर्ज से कभी पीछे नहीं हटते। आज जब देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है तो देश के पूर्व सैनिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कोरोना से जंग के लिए मैदान में उतर पड़े हैं।
रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ डिपार्टमेंट ऑफ एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर ने केंद्रीय, राज्य और जिला सैनिक बोर्ड के सहयोग से इन पूर्व सैनिकों को एकजुट किया। फिर लोगों की सेवा करने और उन्हें जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। देशभर में 32 राज्य सैनिक बोर्ड और 403 जिला सैनिक बोर्ड के अपने नेटवर्क के साथ पूर्व सैनिकों की फौज मैदान में उतर चुकी है।
इन टीमों में आर्मी, एयरफोर्स व नेवी तीनों के पूर्व सैनिक शामिल हैं। वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी पूर्व सैनिक खतरे की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में डट गए हैं। इतना ही नहीं, पूर्व सैनिक अपनी हैसियत के हिसाब से कोरोना रिलीफ फंड में अपनी पेंशन में से धनराशि भी दे रहे हैं।
वेस्टर्न कमांड के आला अधिकारी भी पूर्व सैनिकों के इस सहयोग और उनकी सेवा भावना के लिए उनकी हिम्मत बढ़ाने में जुटे हैं। पूर्व सैनिकों के इस अभियान की शुरुआत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में हो चुकी है।