चंडीगढ़। सीआईआई फेयर में चॉकलेट फ ांउटेन, रंग-बिरंगी कैंडी, जंगली जानवरों की आवाज, बिच्छू घास से बने दुपट्टे और नेहरू जैकैट हर किसी को आकर्षित कर रही है। फेयर में आने वाला हर शख्स स्टाल पर पहुंचने से खुद को नहीं रोक पाता। चार दिवसीय सीआईआई फेयर का 24वां संस्करण सेक्टर 17 परेड ग्राउंड पर चल रहा है। फेयर में ट्राइसिटी के अलावा देशभर से लोग पहुंचते हैं।
फेयर के बीचों बीच लगे एक स्टाल पर बड़ा सा चॉकलेट फाउंटेन है। यहां लगातार चॉकलेट का झरना बहता रहता है। इस पर विभिन्न तरह के फ्रूट को सजाया गया है। फेयर में आने वाले लोग अपनी पसंद का फ्रूट चुनते हैं और दुकानदार इसे चॉकलेट फाउंटेन पर डिप कर परोसता है। इसके अलावा सॉफ्टी को चॉकलेट फाउंटेन में डिप कर दिया जा रहा है। अलग-अलग फ्रू ट की रंग-बिरंगी कैंडी बच्चों को लुभा रही है।
बिच्छू बूटी से बनी नेहरू जैकेट
पहाड़ों में पाई जाने वाली बिच्छू बूटी से बने वस्त्र फेयर में आने वाले लोगाें को खूब भा रहे हैं। स्टॉल संचालक फीरतू राम ने बताया कि बिच्छू घास पहाड़ी एरिया में काफी ऊंचाई पर उगती है। इस घास को गुच्छी की रूप में इकट्ठा किया जाता है। गुच्छी को पानी में उबाला जाता है और उसके बाद मशीन से इससे धागा निकाला जाता है। इसी धागे से वस्त्र तैयार होते हैं, जिनमें नेहरू जैकेट और दुपट्टे शामिल हैं।
जंगली जानवराें की जिंदगी और रहने का अंदाज
फेयर मे एक स्टॉल को जंगल का रूप दिया गया है। इसमें सुखना लेक के आसपास पाए जाने वाले जंगली जीवाें के बारे में जानकारियां दी गई हैं। इसे डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ चंडीगढ़ की ओर से लगाया गया है। यहां पर ईयरफोन केजरिए जानवराें की आवाजाें को सुना जा सकता है और साथ ही जंगली जानवरों की बारे में जानकारियां जुटाई जा सकती हैं। इस स्टाल पर संाबर, हिरण, कोबरा, बंदर, मगरमच्छ को डमी के रूप में दर्शाया गया हैं।
कैदियों के बनाए दीपक और मोमबतियां
फेयर में बुडै़ल जैल में बंद कैदियाें केहाथ से बने दीपक और मोमबत्तियां रखी गई हैं, जोकि इस बार लोगों के घराें में रोशनी फैलाएंगे। कैदियाें की बनाए दीये और मोमबत्तियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। स्टाल पर कैदियाें की ओर से बनाया फनीचर और मिठाइयरां भी रखी गई हैं। इसे खूब पसंद कर रहे हैं।