पिंजौर। पिंजौर-कालका रोड पर सड़क किनारे अस्थायी अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे न केवल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है अपितु ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ रही है। लोगों ने नगर परिषद से इस समस्या का जल्द हल कराने की मांग की है।
शहर में एंट्री प्वांइट मल्लाह चौक से होते हुए पिंजौर-नालागढ़ रोड या पिंजौर-कालका रोड की ओर जाने पर हर तरफ रोड किनारे रेहड़ी-फड़ी और अधिकतर दुकानदारों ने अस्थाई अतिक्रमण किया हुआ है।
बता दें कि नगर निगम पंचकूला के अंतर्गत आने वाले जोन पिंजौर में नगर निगम कार्यकाल के दौरान अतिक्रमण को लेकर नगर निगम अधिकारियों की उदासीनता के चलते रोड किनारे रेहड़ी, फड़ी यहां तक दुकानों के आगे अतिक्रमण चरम सीमा पर रहा। अब पिंजौर, कालका नगर निगम पंचकूला से अलग होकर नगर परिषद कालका के अंतर्गत आ गया है अब देखना यह कि नगर परिषद अधिकारी रोड किनारे लगातार हो रहे अतिक्रमण को नियंत्रित करने में कितने कामयाब होते हैं।
लोग सड़क पर वाहन खड़े करने के लिए मजबूर
पिंजौर में वाहनों का ट्रैफिक लोड अधिक होने के कारण ट्रैफिक समस्या लंबे समय से चली आ रही है। इसके अलावा रोड किनारे अतिक्रमण होने की वजह से अकसर वाहन चालक अपने वाहन रोड पर ही खड़ा कर देते हैं जिसकी वजह से जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे पैदल चलने वाले राहगीरों को भी चलने के लिए जगह नहीं मिलती जिस कारण उन्हें सड़क पर चलना पड़ता है जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पिंजौर-कालका रोड पर सबसे अधिक शोरूम हैं और अधिकतर शोरूम मालिकों ने डिस्पले करने के लिए सामान शोरूम के बाहर सजा रखा है।
क्या बोले लोग...
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान जरूरी
रोड किनारे अतिक्रमण से ट्रैफिक की समस्या तो पैदा होती ही है साथ साथ लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाना चाहिए। इसके अलावा रोड किनारे रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों के लिए नगर परिषद को एक निश्चित जगह उपलब्ध करवानी चाहिए।
-विनोद कुमार, स्थानीय निवासी
उचित जगह मुहैया कराए प्रशासन
पिंजौर में अतिक्रमण की समस्या एक गंभीर समस्या है और प्रशासन को अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर रेहड़ी-फड़ी लगा कर गुजारा कर रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रशासन को उन्हें उचित जगह मुहैया करवानी चाहिए ताकि वहां वे अपनी रेहड़ी-फड़ी लगा कर अपना पेट पाल सकें। उम्मीद है कि अब नगर परिषद बनने के बाद अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
-अरविंद कुमार, स्थानीय निवासी
कोट....
पिंजौर-कालका नगर निगम से अलग होकर नगर परिषद कालका बना है। स्टाफ आदि का विभाजन होने के बाद नगर परिषद में कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति हो जाने पर उचित कार्रवाई हो पाएगी। स्टाफ नियुक्त होने के बाद एनफोर्समेंट विंग बनाकर जल्द ही अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कालका