चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार लघु, सुक्ष्म एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों को विकसित करके प्रदेश को फार्मा एवं ड्रग उद्योग का हब बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए हरियाणा में उद्योग स्थापित करने वालों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के साथ वीसी के माध्यम से आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनोहर ने कहा कि उद्यमियों के लिए एक ही छत के नीचे 18 विभागों की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिनमें 45 दिन में क्लीयरेंस देना अनिवार्य किया गया है। इस प्रकार सरकार ने हरियाणा एंटरप्रेन्योर एंड इंप्लाइमेंट उद्यम नीति बनाई है जिसके अनुसार इंडस्ट्री को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु, सुक्ष्म एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों में स्थानीय इन्वेस्टर भी आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला के बरवाला में डीटीपी की ओर से ई-मार्क करके फार्मा क्लस्टर के लिए जमीन रिजर्व रखी गई है। यह भूमि हिमाचल प्रदेश के नाहन के साथ लगती है। इस भूमि की चंडीगढ एयरपोर्ट से भी कनेक्टिविटी है। वहीं, सरकार हिसार में बल्क ड्रग फार्मा और पानीपत में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एमएसएमई के तहत जिला स्तर पर अधिक से अधिक क्लस्टर स्थापित हों और प्रदेश के युवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर सुलभ हों। एचएसआईडीसी के एमडी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि सरकार फार्मा इंडस्ट्री के विकास को कृतसकंल्प है।