पंचकूला। कोरोना काल की आपदा को अवसर में बदलने का काम सेक्टर-1 राजकीय महाविद्यालय की प्रिंसिपल अर्चना मिश्रा ने किया है। कोरोना में कॉलेज बंद होने के बाद ऑनलाइन क्लास चलवाकर स्टूडेंट्स का सौ फीसदी पाठ्यक्रम पूरा करवाया। इसके साथ ही कॉलेज का परिणाम भी सौ फीसदी दिया। उन्होंने शिक्षकों के साथ लगातार बैठक की। स्टूडेंट्स और कॉलेज के लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसर ने उनकी मदद की।
अर्चना मिश्रा ने बताया कि डेढ़ वर्ष कोरोना के कठिन रहे। इसमें कालेज बंद होने के बाद पाठ्यक्रम पूरा करना चुनौती थी। शिक्षकों को लगातार ऑनलाइन कक्षाएं लेने के लिए प्रोत्साहित किया। टीचर्स स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए अपने सिलेबस का वीडियो बनाकर व्हाट्सअप ग्रुप और सोशल मीडिया ग्रुप में डालकर पढ़ाने लगे। इस वजह से छात्रों ने परीक्षा देकर सौ फीसदी अंक हासिल किए।
सेक्टर-1 राजकीय महाविद्यालय को हरियाणा में नंबर वन कॉलेज बनाने के लिए प्रिंसिपल अर्चना मिश्रा ने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने इसका श्रेय अपने सहयोगी शिक्षकों को दिया है। उन्हें पंचकूला का उच्च शिक्षा अधिकारी का भी पद दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में प्रिंसिपल के पद पर ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने कॉलेज में टीचर्स और स्टूडेंट्स के बीच अच्छा वातावरण बनाकर उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया। इसी का नतीजा है कि कॉलेज को हरियाणा की प्रयास रैंकिंग फ्रेमवर्क में पहला स्थान मिला।
टीचर्स के लिए डे-केयर सेंटर शुरू किया
अर्चना ने बताया कि शिक्षकों को छोटे बच्चों की चिंता सताती थी। कॉलेज आने के बाद उनकी देखभाल की समस्या थी। ऐसे में उन्होंने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर डे केयर्स सेंटर का काम पूरा करवाया। टीचर्स और लेक्चरर के छोटे बच्चे डे केयर सेंटर रूम में रहते। इससे शिक्षक चिंतामुक्त होकर अपना काम पूरी ईमानदारी से कर पाए।
टीचर्स को ट्रेनिंग मिली सौ फीसदी हुआ रिजल्ट
कोरोना महामारी से बचाव के दौरान ऑनलाइन क्लास चलाने के लिए टीचर्स को लगातार प्रशिक्षण दिलवाया गया। इस दौरान टीचर्स ने अच्छा काम कर रिजल्ट सौ फीसदी कर दिया। रिजल्ट सौ फीसदी होने के बाद अब यहां पर नेक की टीम सर्वे के लिए आ रही है। अर्चना मिश्रा ने बताया कि कॉलेज में कई नए कोर्स शुरू करने की योजना है। अनुमति मिलते ही शुरू करेंगे।