पंचकूला। शहर की सड़कों पर कई ई-रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे हैं। अगर हादसा हो जाए तो इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाएगा। ई-रिक्शा चलाने में कई तो कम उम्र के बच्चे होते हैं, जिनके पास लाइसेंस नहीं है। ई-रिक्शा में चार लोगों के बैठने की जगह है, लेकिन चालक आठ सवारियां बैठा लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन्हें पूछने वाला कोई नहीं है।
-ई-रिक्शा गाडिय़ां प्रदूषण नहीं करती
ई-रिक्शा गाड़ियां धुआं नहीं उड़ाती। इनमें बैटरी लगी होती है जिससे इंजन चलता है। पेट्रोल-डीजल की तुलना में प्रति किमी बैटरी की खपत भी कम है। इसी कारण अन्य परिवहन के दूसरे साधनों की अपेक्षा ई-रिक्शा तेजी से पकड़ बना रहा है। पंचकूला शहर की सडक़ों पर इन दिनों सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा सवारियां सफर करते हुए साफ देखे जा रहे है।