चंडीगढ़। सेक्टर-26 मंडी का पता जल्द ही बदलने वाला है। प्रशासन की मंजूरी के बाद अब सेक्टर-39 में फल-सब्जियों की नई मंडी के लिए 23 एससीओ की ई-नीलामी प्रक्रिया 3 मार्च से शुरू होगी। 3.75 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर खुली बोली में कोई भी भाग ले सकता है। लीज होल्ड आधार पर दिए जाने वाले इन 120 गज के प्लॉट पर खरीदारों को तीन साल के भीतर निर्माण पूरा करना होगा।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से 92 एससीओ (शॉप कम ऑफिस) की 99 साल की लीज होल्ड के आधार पर नीलामी की जाएगी। सबसे पहले फल और सब्जियों के लिए 23 एससीओ का चयन किया गया है। इसकी नीलामी 1 से 31 मार्च तक होगी, जिसमें कोई भी हिस्सा ले सकता है। 120 गज का प्लॉट होगा, जिसका आरक्षित मूल्य 3 करोड़ 75 लाख है।
विभाग खरीदार को सिर्फ प्लॉट देगा और उन्हीं को निर्माण करना होगा। इसके लिए 3 साल का समय दिया जाएगा। प्लॉट खरीदने के साथ ही खरीदार को प्रशासन की तरफ से फल-सब्जी का लाइसेंस भी मिल जाएगा। इसमें वह भी हिस्सा ले सकते हैं, जिनके पास वर्तमान में लाइसेंस है। यही नीलामी चंडीगढ़ एस्टेट रूल्स-2007 के अनुसार की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि दाना-मंडी के लिए भी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए प्लेटफार्म का निर्माण किया जाना है, जिसको लेकर टेंडर कर दिया गया है। इसमें करीब 6 महीने का समय लगेगा। इसके अलावा, एरिया की सफाई की गई है और संबंधित सभी विभागों से एनओसी भी ले ली गई है।
कई वर्षों बाद होने जा रही शिफ्टिंग
सेक्टर-39 में 75 एकड़ जमीन का एक टुकड़ा 1990 में अधिग्रहित किया गया था और 2002 में नई मंडी के लिए जगह आवंटित की गई थी। ग्रेन, फल व सब्जी मंडी को सेक्टर-39 में शिफ्ट करने का मामला 2002 से लंबित पड़ा था। सेक्टर-39 में दुकानों के आवंटन के बाद सेक्टर 26 मंडी को डी-नोटिफाई कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शिफ्टिंग में देरी के कई कारण हैं। कजौली वाटर वर्क्स की पाइप लाइन नई साइट के नीचे से गुजर रही थीं।