120 जवानों ने प्राप्त किया कमांडो का प्रशिक्षण, आईटीबीपी के महानिरीक्षक ने सभी कमांडो जवानों को दी बधाईमाई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। कमांडो की 72 दिन की ट्रेनिंग में रोजाना चार घंटे सोए। 25 प्रकार के हथियार चलाने की ट्रेनिंग के साथ फिजिकल फिटनेस का मजबूत किया है। वहीं हेली स्लेदरिंग का प्रशिक्षण ट्रेनिंग कैंप के आखिरी सप्ताह में 120 कमांडो ने प्राप्त किया। आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने सभी जवानों को स्लेदरिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी भानू में महिला एवं पुरुष कमांडो को विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए हेली स्लेदरिंग का प्रशिक्षण दिया गया। आईटीबीपी भानू के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि 6वें महिला कमांडो कोर्स में आईटीबीपी की विभिन्न इकाइयों से 19 महिलाएं और 100वें पुरूष कमांडो कोर्स में आईटीबीपी की विभिन्न इकाइयों से 94 और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (राज्यों की पुलिस) के सात प्रशिक्षणार्थी, सहित कुल 120 कमांडो प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये कमांडो कोर्स महिला कमांडो के लिए छह सप्ताह और पुरूष कमांडो के लिए 10 सप्ताह की अवधि के लिए संचालित किए जाते हैं। कमांडो कोर्स प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न प्रकार की सिखलाई देकर कठोर प्रशिक्षण के साथ विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किए जाते हैं, जिसमें हेली स्लेदरिंग कमांडो कोर्स का एक मुख्य हिस्सा होता है। इसमें हेलीकाप्टर की ओर से रस्सी के सहारे उतरने की सिखलाई दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह कि हेलीकाप्टर द्वारा कम समय में दुर्गम जगहों पर सैनिकों को तैनात किया जा सके। ऐसी जगहों पर जहां हैलीपैड नहीं है या शहरी क्षेत्र में है, वहां पर रस्सी के माध्यम से तेजी से उतरा जा सके।
विषम परिस्थिति में कहीं भी उतर सकते हैं
स्लेदरिंग के माध्यम से जमीन नरम होने पर कहीं भी उतर सकते हैं। इस प्रशिक्षण को लेने के बाद विषम परिस्थिति में किसी भी हेली ऑपरेशन के लिए तैयार हैं। - लकीराम, जवान, आईटीबीपी
कमांडो की ट्रेनिंग में फिटनेस अच्छी हुई
कमांडो के 72 दिन के प्रशिक्षण में फिटनेस अच्छी हुई है। इसमें हमने हेली स्लेदरिंग, रॉक एंड माउंटेन और 25 से ज्यादा हथियार चलाने का प्रशिक्षण मिला है। इसमें हमने पूरी 72 दिन की ट्रेनिंग में बहुत कुछ नया सीखा है। - सुनील कुमार, जवान, आईटीबीपी
किसी भी ऑपरेशन के लिए तैयार
कमांडो की ट्रेनिंग में प्रशिक्षण के दौरान हमने बहुत सारे ऑपरेशन करने के लिए नई तकनीक सीखी हैं। इसके लिए हम केवल दो घंटे ही सोए हैं। पीठ पर 40 किलो का बैग लादकर कहीं पर भी ऑपरेशन के लिए उतर सकते हैं। - लीपांजलि, महिला जवान, आईटीबीपी
प्रशिक्षण के माध्यम से फिटनेस निखरी
कमांडो का कठिन प्रशिक्षण लेने के बाद फिटनेस ठीक हुई है। हमने जो कुछ भी कमांडो प्रशिक्षण के दौरान सीखा है। उसे देश की सेवा के लिए लगाएंगे। देश की रक्षा के साथ कहीं पर भी तैनाती होने पर अपनी ड्यूटी सौ फीसदी करेंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मविश्वास हासिल किया है। - रमनदीप कौर, महिला जवान, आईटीबीपी