पंचकूला सेक्टर 5 में सिंदूर खेला के दौरान एक दूसरे को सिंदूर लगातीं महिलाएं।
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पंचकूला। सेक्टर-20 में आयोजित 12वीं दुर्गा पूजा में विजय दशमी के शुभ अवसर पर मंगलवार को बंगाली रीति रिवाज में सिंदूर खेलने की रस्म अदा की गई। यह कार्यक्रम ट्राइसिटी दुर्गा बारी चैरिटेबल एंड सोशल एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर महासचिव पलाश दास ने बताया कि सेक्टर- 20 में आयोजित बंगाली समाज की महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया। ये रस्म मां दुर्गा को विदाई देने के लिए मनाई जाती है। बंगाली रीति रिवाज में सिंदूर खेलने की परंपरा करीब 450 साल पुरानी है। इस दिन विवाहित महिलाएं मां दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी का शृंगार कर उनकी पूजा करती हैं। पलाश दास ने बताया कि सिंदूर खेला में महिलाएं पहले मां को सिंदूर लगाया और इसके बाद अन्य महिलाओं के साथ सिंदूर खेला गया। इस अवसर पर पलाश दास, जयंत बोस, पिया दास, रेबा नायक, शराबोनी बोस,कैप्टन बीसी नायक, अजय सरकार, मीनाक्षी मितरा, अजय बोस, डी. चैटर्जी, एमपी राव, शुक्ला राव सहित अन्य उपस्थित रहे।
ये है मान्यता...
पलाश दास ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा नवरात्रि में नौ दिनों के लिए अपने घर यानी मायके आती हैं। इस दिन ज्यादातर महिलाओं बंगाली साड़ी ही पहनती हैं। लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी इस पर्व की पहचान बन गया है।