पंचकूला। घग्गर पार के लोगों का डंपिंग ग्राउंड से उठने वाली बदबू से बुरा हाल है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम अधिकारियों को समस्या का पता नहीं है। लेकिन वह लोगों की सेहत को लेकर गंभीर नहीं है। यदि ऐसा नहीं होता तो सेक्टर-23 स्थित डंपिंग ग्राउंड को कभी का झूरीवाला में शिफ्ट कर दिया गया होता। वहीं स्थानीय नेता भी इसके शिफ्टिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। वह डंपिंग ग्राउंड पर महज बयानबाजी करके वोट बैंक मजबूत करने में जुटे हुए हैं। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले हजारों लोगों ने सबक सिखाने का फैसला कर लिया है। वर्तमान स्थिति ये है कि डंपिंग ग्राउंड के नजदीक से गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां उठने वाली बदबू हजारों लोगों को परेशान कर रही है। इतना ही नहीं डंपिंग ग्राउंड के चलते कई लोग तो दमा जैसी बीमारी से ग्रसित हो गए हैं। उन्होंने इस समस्या के समाधान को लेकर निगम अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से गुहार भी लगाई लेकिन उनकी सुनवाई आज तक नहीं हुई। डंपिंग ग्राउंड शिफ्टिंग को लेकर केवल उन्हें बहलाया गया। इससे स्थानीय लोगों में रोष है और उन्होंने नेताओं को सबक सिखाने की चेतावनी दी है। उधर, नगर निगम अधिकारियों की मानें तो डंपिंग ग्राउंड की शिफ्टिंग का प्रोसेस जारी है। कंपनी को सेलेक्ट कर बहुत जल्द शिलान्यास करवाया जाएगा।
मुंह पर बांधना पड़ता है कपड़ा: बंसल
सेक्टर-21 निवासी पुष्प बंसल का कहना है कि समस्या के समाधान को लेकर निगम अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से कई बार मुलाकात की, लेकिन उन्होंने आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं किया। मौजूदा हालात ये है कि डंपिंग ग्राउंड के पास से लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां से गुजरने वाले लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर निकलते हैं। ऐसे में नगर निगम अधिकारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
नहीं किया जाता केमिकल का स्प्रे: रोबिन
सेक्टर-21 निवासी रोबिन विजय का कहना है कि स्थानीय नेता चुनाव नजदीक आते ही बयानबाजी करते हैं कि डंपिंग ग्राउंड को जल्द शिफ्ट कर दिया जाएगा। लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी स्थिति पहले जैसी ही है। बदबू से निजात दिलाने के लिए डंपिंग ग्राउंड पर केमिकल स्प्रे भी नहीं किया गया है। जबकि एनजीटी का आदेश था कि इस दिशा में तत्काल प्रभाव से काम किया जाए।
बदबू के चलते सैर तक नहीं कर पाते लोग: रोहित
सेक्टर-21 निवासी रोहित शर्मा का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड के चलते लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। करोड़ों रुपया खर्च करके भी लोगों को सुकून नहीं मिल रहा है। वह सुबह और शाम को घर के बाहर सैर तक नहीं कर सकते हैं। बारिश के दिनों में बदबू की समस्या विकराल हो जाती है। इस समस्या से समाधान को लेकर कई बार अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन आज तक कोई लाभ नहीं हुआ।