कालका। थाने की सेर पंचायत में पड़ने वाले गांव गोदाम में बुधवार को देर रात मूसलाधार बारिश होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया। इससे उनका घर का सामान खराब हो गया। साथ ही एक किसान के खेत में खड़ी फसल खराब हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद वीरवार को प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यहां की स्थिति का जायजा लिया।
पानी के बहाव से टूटी बरामदे की दीवार
गांव निवासी माड़ू ने बताया कि देर रात वह अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे, घर पर रिश्तेदार भी आए हुए थे। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो रही थी और रात को करीब 10 बजे अचानक घर में बारिश का पानी घुस गया। पानी का बहाव बहुत तेज था, इसलिए घर के सभी सदस्य बच्चों को उठाकर घर से बाहर निकले और उन्हें सुरक्षित जगह पर खड़ा किया। पानी के बहाव के बीच उनके घर का सामान खराब हो गया और बरामदे की 40 फीट लंबी दीवार टूटकर बह गई।
इस कारण साथ में लगते खेतों में भी पानी भर गया। घर के सभी कमरों में पानी भरने से घर में अंदर रखी 10 क्विंटल गेहूं, 2 क्विंटल चावल सहित कमरे में रखी 15 क्विंटल तूड़ी भी पानी में बह गई। सभी कमरों में करीब 4 फुट तक पानी भरने से चक्की की मोटर, घास टोक्का मोटर, पानी की मोटर, 2 वाशिंग मशीन और दो फ्रिज खराब हो गए हैं। उन्होंने बताया कि जंगल से आने वाले पानी की निकासी के लिए जो नाला बनाया गया है उसमें मलबा भरने की वजह से नाला ब्लॉक हो गया था और पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस गया।
पहले इतना पानी कभी नहीं भरा
बुधवार रात को परिवार के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। अचानक तेज बारिश होने लगी और उनके घर में भारी मात्रा में पानी भर गया। जैसे-तैसे परिवार को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया। लेकिन घर में रखे गेहूं, तूड़ी, चावल तक पानी पहुंच गया और इससे करीब 20 हजार रुपये के सामान का नुकसान हुआ है। मूसलाधार बारिश होने से जंगल की तरफ से पानी का तेज बहाव आने के कारण गांव के निकासी नाले में मलबा भर गया और पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस गया। इससे पहले इतना ज्यादा पानी का बहाव कभी नहीं आया। -गुलजार, गांव निवासी
पानी से बर्बाद हुई फसल
बारिश का तेज पानी मेरे पड़ोसी माड़ू की दीवार तोड़कर मेरे खेत में भर गया। यहां खेत में खड़ी अरबी, अदरक, हल्दी, मिर्च, धनिया की बिजाई की हुई थी। लेकिन पानी के तेज बहाव ने इसे नष्ट कर दिया। इस बारिश के कारण करीब एक लाख रुपये कीमत की फसल का नुकसान हो गया है। -रहमद्दीन, गांव निवासी।
निकासी नाले की पूली को किया जाए चोड़ा
कभी भी तेज बारिश होने के कारण जंगल की ओर से जो तेज पानी आता है इसकी निकासी के लिए कोई नाला नहीं बनाया गया है। इस कारण गांव की गलियों और घरों में भी पानी भर जाता है। इसलिए यहां जरूरी है कि जिधर से पानी आता है वहां से पानी के बहाव के लिए दोनों ओर डंगे का निर्माण करवाया जाए और जो पुली बनी हुई है उसे और ज्यादा चौड़ा किया जाए। इससे पानी की निकासी होगी और गांव में पानी नहीं भरेगा। -संजीव कुमार, गांव निवासी।