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Panchkula News: फसलों की पैदावार बढ़ाने में योगदान देंगी ड्रोन दीदी, जल्द करनाल में लेंगी छह महिलाएं प्रशिक्षण

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ड्रोन दीदी। संवाद 
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पंचकूला। ड्रोन दीदी के नाम से प्रसिद्ध अंबिका राणा के पद चिह्नों पर जिले की छह अन्य महिलाओं ने भी चलने की ठान ली है। 11 मार्च 2024 को जिले की पहली ड्रोन दीदी बनने के बाद इस साल मार्च 2025 में भी कौशल विकास मिशन के तहत करनाल में छह ड्रोन दीदी को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह छह महिलाएं बरवाला और मोरनी की रहने वाली हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी बरवाला निवासी रमन राणा, सुनैना और पिंजौर निवासी रमनजीत कौर, मीना कुमारी, सोना और अनुराधा को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद 80 प्रतिशत की छूट पर सरकार की तरफ से ड्रोन दिया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद ड्रोन से फसलों पर नैनो यूरिया खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना इनका काम रहेगा।
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इनके ऊपर होगी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि जिले की इन सात दीदियों पर अब कीटनाशकों से फसलों की सुरक्षा और पैदावार बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही इस काम के जरिए आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखेंगी। इनसे पहले नमो ड्रोन दीदी योजना ने अंबिका राणा को इस काम का अवसर मुहैया करवाया था। मोरनी निवासी अंबिका राणा ने बताया कि ड्रोन से काम करते एक साल बीत गया है। सरकार की इस योजना के लाभ से आर्थिक रूप से मजबूत बनी हूं। पंचकूला में अब तक अकेले ड्रोन चलाती थी, लेकिन प्रेरणा मिलने के बाद जिले की छह अन्य महिलाएं भी ड्रोन की ट्रेनिंग लेने जा रहीं हैं।

11 माह से कर रही हूं छिड़काव
ड्रोन दीदी अंबिका राणा ने बताया कि वह एक एकड़ फसल में कीटनाशकों का छिड़काव के लिए 450 रुपये लेती हैं। ट्रेनिंग के बाद 11 मार्च 2024 में उनको ड्रोन दिया गया था। अब 11 माह से लोगों की फसलों पर ड्रोन से छिड़काव कर रही हूं। सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को आगे आना चाहिए। ड्रोन की ट्रेनिंग लेने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।
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