संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की 2018 में हुई हड़ताल के दौरान काम करने वाले चालकों-परिचालकों ने सोमवार को सेक्टर-5 स्थित धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। कर्मचारी सीएम आवास का घेराव करने के लिए चले, मगर पुलिस ने उनको वहीं रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और नौकरी बहाल करने की मांग की गई।
वर्ष 2018 में रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। यह हड़ताल लगातार 18 दिन चली और अब तक की यह सबसे लंबी हड़ताल रही है। इस दौरान सरकार ने परिवहन व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लोगों को विभाग में लिया था। मगर कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के साथ ही सरकार ने सब को वापस घर भेज दिया और उन्हें काम पर नहीं रखा। तब से लगातार ये कर्मचारी अपनी नौकरी बहाली की मांग कर रहे हैं। सोमवार को एसोसिएशन की तरफ से मुख्यमंत्री आवास का घेराव की कॉल दी गई थी।
सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी प्रदेशभर से सेक्टर-5 स्थित धरनास्थल पर पहुंचे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने कर्मचारियों को वहां से रवाना नहीं होने दिया। हरियाणा रोडवेज पंचकूला डिपो के जीएम अशोक कौशिक धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों से ज्ञापन लिया। कर्मचारियों ने कहा कि जब सरकार को जरूरत पड़ी थी, तो उन्होंने मदद की थी। आज रोजगार नहीं होने के कारण इन सभी कर्मचारियों के लिए परिवार पालना भी मुश्किल हो गया है। जीएम अशोक कौशिक ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग को सरकार और उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। इस अवसर पर जसबीर रोहिल्ला, सोमबीर, रोशनलाल, विनोद सहित काफी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।