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खुलासाः पूनम भार्गव कर रही थीं गैर कानूनी एमटीपी प्र्रैक्टिस, डील में लिए पैसे जांच कमेट को सौंपे

Thu, 27 Feb 2020 01:26 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला की गायनाकॉलोजिस्ट डॉक्टर पूनम भार्गव ने चार माह की गर्भवती का गर्भपात करवाने के लिए सौदा किया था। आरोपी महिला डॉक्टर ने इस गैर कानूनी एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनैंसी) प्रेक्टिस के लिए पटियाला निवासी अमनदीप सिंह से बीस हजार रुपये में सौदा किया था। अमनदीप सिंह के साथ उनके जानकार विनय अरोड़ा भी थे। आरोपी डॉक्टर ने अमनदीप सिंह से आठ हजार रुपये एडवांस भी ले लिए थे। महिला डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोपों की जांच डॉक्टरों की सात सदस्यीय टीम ने की।
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प्राथमिक पड़ताल में जांच टीम ने पाया कि डॉ. पूनम भार्गव गैर कानूनी एमटीपी के लिए आठ हजार रुपये ले चुकी थी। शिकायतकर्ता से लिए आठ हजार रुपये आरोपी डॉक्टर ने जांच कमेटी को लौटा दिए हैं। बरामद आठ हजार के सभी नोट व प्रारूप को जांच टीम ने सूचीबद्ध कर लिफाफे में बंद कर सील कर दिया है। जांच कमेटी के सभी सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर भी किए हैं। जांच कमेटी ने रिकॉर्ड की गई आरोपी डॉक्टर की वीडियो की डीवीडी व सीसीटीवी फुटेज सहित इंक्वायरी रिपोर्ट 25 फरवरी को सौंप दी थी।

कानूनी राय पर केस दर्ज
मामले में 20 फरवरी को गठित जांच टीम ने 21 फरवरी को सिविल सर्जन को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी। जांच कमेटी ने आरोपी डॉ. पूनम भार्गव को रिकॉर्ड वीडियो की कॉपी उपलब्ध करवाई और उन्हें स्टेटमेंट रिकॉर्ड करवाने को कहा। आरोपी डॉ. ने तुरंत स्टेटमेंट रिकॉर्ड कराने के बजाय 24 फरवरी को अपने बयान दर्ज करवाने की बात कही। शुरुआती जांच टीम में डॉ. संगीता सिंघल, डॉ. उमेश मोदी, डॉ. रानी सिंह, डॉ. सुरेश कुमार और डॉ. परविंदर शामिल रहे।
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घर से बरामद हुई एमटीपी किट

डॉ. सरोज अग्रवाल और डिस्ट्रिक्ट ऑफ अटॉर्नी के प्रतिनिधि से चर्चा के बाद 24 फरवरी को एक अन्य जांच टीम गठित की गई। इसने आरोपी डॉ. पूनम भार्गव के सेक्टर-16 स्थित घर पर छापामारी के लिए एनजीओ की संगीता को शामिल किया। फिर एक स्वतंत्र गवाह को साथ लेकर आरोपी डॉ. के घर पर छापामारी की गई। छापामारी टीम को वहां से अधिकांश तौर पर एमटीपी केस के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली इंजेक्शन के रूप में विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं।

जांच कमेटी ने जांच में पाया कि आरोपी डॉ. पूनम भार्गव पैसों के लिए अपने घर पर महिला पीएन बलजिंदर की मदद से गैर कानूनी एमटीपी कर रही थी। जांच कमेटी ने पड़ताल पूरी कर आगामी कार्रवाई के लिए 25 फरवरी को रिपोर्ट की कॉपी डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसिज, हरियाणा सहित चीफ मेडिकल ऑफिसर, पंचकूला, डिप्टी सिविल सर्जन, पंचकूला, डिप्टी कमिश्नर पंचकूला और डीसीपी पंचकूला को सौंपी। इसके बाद आरोपी डॉ. पर केस दर्ज किया गया।

आईपीसी व एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज
डिप्टी सिविल सर्जन स्नेह सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी डॉ. पूनम भार्गव और महिला पीएन बलजिंदर पर आईपीसी व एमटीपी एक्ट की 11 धाराओं व उप धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनैंसी एक्ट की धारा- 3,4 व 5 सहित ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा-27 (बी) (2), 28 और आईपीसी की धारा-120,बी, 166, 168, 315, 409 व 511 के तहत आरोप हैं।

पुलिस गिरफ्तारी से पहले दे रही जांच का हवाला
आरोपी डॉ. पूनम भार्गव को गिरफ्तार करने के सवाल पर सेक्टर-5 थाने के एसएचओ ने कहा कि फिलहाल जांच की जानी है। केस दर्ज कर दिया गया है, लेकिन आगामी जांच प्रक्रिया पूरी होने पर आरोपी को गिरफ्तार करने पर फैसला लिया जाएगा।
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