फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनाः हरियाणा में छिड़ी अनूठी मुहिम, बंदरों और बेसहारा पशुओं को खाना खिला रहे पशु चिकित्सक

Sat, 11 Apr 2020 01:25 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
विज्ञापन
बंदरों को केले खिलाते पशु चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कोरोना के संकट में मानवता के दो चेहरे सामने आए हैं। एक जो इस जंग के नायकों का सम्मान करने के साथ ही गरीब, बेसहारा लोगों के साथ पशुओं, जानवरों की मदद रहा है और दूसरा वे जो असली नायक यानी डॉक्टरों व स्वास्थ्य विभाग की टीमों से बदसलूकी कर रहे हैं। विपदा की यह घड़ी तो गुजर जाएगी इससे जुड़ी यादें ताउम्र याद आएंगी। हरियाणा में अपना फर्ज निभाने से पशु चिकित्सक भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने मानवता की मिसाल पेश करते हुए शहरों में बेसहारा पशुओं व जानवरों की जान बचाने का बीड़ा उठाया है।
विज्ञापन


भारतीय पशु चिकित्सा संघ के साथ ही हरियाणा पशुपालन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी रोजाना बंदरों, कुत्तों, गाय व बैल को तीन समय खाना खिला रहे हैं। बंदरों को तो ब्रेड, केले व काले चने खिलाने का काम चल रहा है। कुत्तों को ब्रेड के अलावा घर से खाना लाकर खिला रहे हैं। गाय, बैल के लिए रोटी के साथ चारे की व्यवस्था पशु चिकित्सक अपने स्तर पर कर रहे हैं।

पशु चिकित्सा परिषद हरियाणा व भारतीय पशु चिकित्सा संघ की ओर से बंद के दौरान डॉ. सुभाष अहलावत और डॉ. सुरेंद्र दुहन ने प्रमुख रूप से बेसहारा पशुओं को खाना खिलाने का जिम्मा संभाला हुआ है। भारतीय पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष चिरंतन कादियान मदद करने के साथ ही प्रदेश में चल रहे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वह संघ पदाधिकारियों के साथ ही पशु चिकित्सकों से रोजाना समन्वय स्थापित कर जानकारी लेते हैं कि उनके आसपास का कोई पशु या जानवर भूखा तो नहीं रहा।
विज्ञापन


उत्तराखंड से प्रेरित होकर शुरू की मुहिम
भारतीय पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष व हरियाणा पशुपालन विभाग के अधिकारी चिरंतन कादियान ने बताया कि देश मे अलग-अलग तरीके से बेसहारा पशुओं का पेट भरा जा रहा है। प्रदेश में उत्तराखंड पशु चिकित्सा परिषद से प्रेरित होकर मुहिम शुरू की गई। वहां पर पोल्ट्री उद्योग को कोरोना से भारी नुकसान हुआ है, इसलिए अंडे खराब हो रहे थे। पशु चिकित्सा परिषद अंडे की रोटियां बनाकर पशुओं को खिला रही है। हरियाणा में कोई बेसहारा पशु भूख से न मरे, यह संकल्प संघ ने लिया है। चूंकि, शहरों में लोग बेसहारा कुत्तों व अन्य पशुओं को खाना डालने से भी डर रहे हैं। गांवों में इतनी दिक्कत नहीं है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें